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फरीदाबाद में कुत्तों का कहर: रोजाना 41 लोग हो रहे शिकार, सालभर में आंकड़ा 15008 पर पहुंचा

Sat, 11 Feb 2023 12:52 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 11 Feb 2023 12:52 PM IST
सार

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी में कुत्तों के कहर से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुए है। आए दिन कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रोजाना 41 लोगों को कुत्ते काट रहे हैं।

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Dogs wreak havoc in Faridabad Smart City
street dogs - फोटो : istock

विस्तार

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी में कुत्तों का कहर काफी बढ़ गया है। नागरिक अस्पताल बीके अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 15008 लोगों को कुत्तों ने काटा। इसमें बच्चे व बुजुर्ग सबसे ज्यादा शामिल हैं। औसतन रोज 41 लोगों को अपना निशाना बनाया। अब निगम ने कुत्तों का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। स्मार्ट सिटी में कुत्ते पालने का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग विभिन्न प्रजाति के कुत्तों को अपने घर में पाल रहे हैं। साथ ही दिनों दिन लावारिस कुत्तों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
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हर माह 150 कुत्तों की होती है नसबंदी
आस्था एनिमल अस्पताल के निदेशक रवि दुबे ने बताया कि स्मार्ट सिटी में इस समय करीब 70 हजार लावारिस कुत्ते मौजूद हैं। उनके अस्पताल के द्वारा हर महीने करीब 150 कुत्तों की नसबंदी की जाती है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार हर रोज 41 लोग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। इनमें गलियों में घूमने वाले लावारिस कुत्तों के साथ पालतू कुत्ते भी शामिल हैं।
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15 हजार लोग हुए शिकार
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 के जनवरी में 2093, फरवरी में 2427, मार्च में 413, अप्रैल में 1099, मई में 1445, जून में 1372, जुलाई में 560, अक्तूबर में 1358, नवंबर में 2033 और दिसंबर में 2208 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इसमें बुजुर्ग व बच्चे भी शामिल हैं।
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इंजेक्शन खत्म, दो माह नहीं हुआ मरीजों का इलाज
साल 2022 के अगस्त व सितंबर के महीने में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं होने की वजह से बीके अस्पताल में कोई भी उपचार के लिए नहीं आया, लेकिन निजी अस्पताल में उपचार के लिए मरीज गए। वहीं इस साल अब तक 2220 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं।


कुत्ता काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन है जरुरी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास ने बताया कि कुत्ते के काटने का असर नस पर पड़ता है। रेबीज का असर दिखने में एक से तीन महीने का वक्त लग सकता है। वहीं शिकार हुए लोगों को 72 घंटे के अंदर वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए। काटने के बाद तुरंत रनिंग वाटर से घाव वाले स्थान को साबुन से अच्छी तरह से लगभग पांच मिनट तक धोना चाहिए। इससे कीटाणु को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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