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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में डॉग पंजीकरण पॉलिसी लागू
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नहीं कराने पर 15000 रुपये का जुर्माना
डॉग पंजीकरण के मसौदे को आयुक्त ने दी मंजूरी, 1500 रुपये देनी होगी फीस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में डॉग पंजीकरण पॉलिसी बृहस्पतिवार से लागू हो गई है। लोगों को एक माह के अंदर पालतू कुत्ते का नगर निगम से पंजीकरण कराना होगा। पहली बार कुत्ते के पंजीकरण पर 1500 रुपये फीस देनी होगी। इसके लिए एक माह का समय दिया गया है। इसके बाद पंजीकरण नहीं करने वाले पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा है।
नगर निगम क्षेत्र में पालतू कुत्तों को रखने के लिए पंजीकरण करना जरूरी है, लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा था। ऐसे में निगम को शहर में पालतू कुत्तों के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती है। दूसरी ओर फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों पर पालतू कुत्तों द्वारा बच्चों व अन्य को काटने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर सरकार ने पूरे प्रदेश में डॉग पंजीकरण कराने का आदेश दिया था, लेकिन पंजीकरण फीस व नियम बनाने की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम की है। इसके बाद नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभजोत कौर ने एक मसौदा बनाकर नगर निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया को बीते साल दिसंबर में भेजा था। हालांकि बीच में आयुक्त प्रशिक्षण पर चले गए थे। ऐसे में डॉग पॉलिसी को मंजूरी नहीं मिली थी। आयुक्त के वापस आते ही उन्होंने इसे मंजूरी दे दी। डॉ. प्रभजोत कौर ने बताया कि बुधवार को डॉग पंजीकरण की फाइल को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि अब शहर में डॉग पॉलिसी लागू हो गई है। अब लोगों को एक माह में अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण करना होगा। जल्द ही इस बारे में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी जाएगी। ऐसा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान है।
पहली बार 1500 फीस लगेगी
पंजीकरण कराने के लिए पहली बार 1500 रुपये फीस तय की गई है। दूसरे साल 1000 रुपये फीस होगी। पंजीकरण कराने से पहले कुत्ते का वैक्सीनेशन और स्वस्थ संबंधी दस्तावेजों भी दिखाना होगा। एक अनुमान के अनुसार शहर में 70 हजार से अधिक पालतू कुत्ते होने का अनुमान है, लेकिन, इनका निगम के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। शहर में काफी संख्या में लोग विदेशी नस्ल के कुत्ते पालते हैं। कई लोग इसे शौक के बजाय अपना स्टेटस सिंबल मानते हैं। लोग पिटबुल, रॉट विलर, जर्मन शेफर्ड, बुल मास्टिक, अमेरिकन बुली, लेब्रॉडोर व डॉयरमैन जैसे कई नस्ल के कुत्ते पालते हैं।
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सरल पोर्टल पर करना है आवेदन
प्रदेश सरकार ने कुत्तों के पंजीकरण की सुविधा ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई है। अभी तक करीब 100 लोगों ने कुत्तों के पंजीकरण के लिए आवेदन किया हुआ है। अब पंजीकरण की मंजूरी मिलने के बाद यह कार्य आगे बढ़ जाएगा। जल्द ही नगर निगम कुत्तों के पंजीकरण का लाइसेंस जारी करेगा। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
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इन कागजातों का रखे ध्यान-
मालिक का आवास प्रमाण पत्र।
डॉग के साथ फोटो।
अलग-अलग एंगल से दो कुत्ते की फोटो।
पंजीकृत डॉक्टर से रैबीज टीकाकरण।
कुत्ते का स्वास्थ्य प्रमाण।
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शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इसके लिए लोगों को सरल पोर्टल से आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय जरूरी कागजात अवश्य लगाएं। लोग पालतू कुत्तों को लेकर सावधानी बरतें ताकि दूसरे को निशाना नहीं बना सके।
-डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
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डॉग पंजीकरण के मसौदे को आयुक्त ने दी मंजूरी, 1500 रुपये देनी होगी फीस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में डॉग पंजीकरण पॉलिसी बृहस्पतिवार से लागू हो गई है। लोगों को एक माह के अंदर पालतू कुत्ते का नगर निगम से पंजीकरण कराना होगा। पहली बार कुत्ते के पंजीकरण पर 1500 रुपये फीस देनी होगी। इसके लिए एक माह का समय दिया गया है। इसके बाद पंजीकरण नहीं करने वाले पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा है।
नगर निगम क्षेत्र में पालतू कुत्तों को रखने के लिए पंजीकरण करना जरूरी है, लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा था। ऐसे में निगम को शहर में पालतू कुत्तों के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती है। दूसरी ओर फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों पर पालतू कुत्तों द्वारा बच्चों व अन्य को काटने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर सरकार ने पूरे प्रदेश में डॉग पंजीकरण कराने का आदेश दिया था, लेकिन पंजीकरण फीस व नियम बनाने की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम की है। इसके बाद नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभजोत कौर ने एक मसौदा बनाकर नगर निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया को बीते साल दिसंबर में भेजा था। हालांकि बीच में आयुक्त प्रशिक्षण पर चले गए थे। ऐसे में डॉग पॉलिसी को मंजूरी नहीं मिली थी। आयुक्त के वापस आते ही उन्होंने इसे मंजूरी दे दी। डॉ. प्रभजोत कौर ने बताया कि बुधवार को डॉग पंजीकरण की फाइल को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि अब शहर में डॉग पॉलिसी लागू हो गई है। अब लोगों को एक माह में अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण करना होगा। जल्द ही इस बारे में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी जाएगी। ऐसा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान है।
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पहली बार 1500 फीस लगेगी
पंजीकरण कराने के लिए पहली बार 1500 रुपये फीस तय की गई है। दूसरे साल 1000 रुपये फीस होगी। पंजीकरण कराने से पहले कुत्ते का वैक्सीनेशन और स्वस्थ संबंधी दस्तावेजों भी दिखाना होगा। एक अनुमान के अनुसार शहर में 70 हजार से अधिक पालतू कुत्ते होने का अनुमान है, लेकिन, इनका निगम के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। शहर में काफी संख्या में लोग विदेशी नस्ल के कुत्ते पालते हैं। कई लोग इसे शौक के बजाय अपना स्टेटस सिंबल मानते हैं। लोग पिटबुल, रॉट विलर, जर्मन शेफर्ड, बुल मास्टिक, अमेरिकन बुली, लेब्रॉडोर व डॉयरमैन जैसे कई नस्ल के कुत्ते पालते हैं।
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सरल पोर्टल पर करना है आवेदन
प्रदेश सरकार ने कुत्तों के पंजीकरण की सुविधा ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई है। अभी तक करीब 100 लोगों ने कुत्तों के पंजीकरण के लिए आवेदन किया हुआ है। अब पंजीकरण की मंजूरी मिलने के बाद यह कार्य आगे बढ़ जाएगा। जल्द ही नगर निगम कुत्तों के पंजीकरण का लाइसेंस जारी करेगा। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
इन कागजातों का रखे ध्यान-
मालिक का आवास प्रमाण पत्र।
डॉग के साथ फोटो।
अलग-अलग एंगल से दो कुत्ते की फोटो।
पंजीकृत डॉक्टर से रैबीज टीकाकरण।
कुत्ते का स्वास्थ्य प्रमाण।
शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इसके लिए लोगों को सरल पोर्टल से आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय जरूरी कागजात अवश्य लगाएं। लोग पालतू कुत्तों को लेकर सावधानी बरतें ताकि दूसरे को निशाना नहीं बना सके।
-डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम