{"_id":"62b0acbc19bf9d63371eda0f","slug":"do-not-let-the-fluctuations-in-the-weather-make-you-sick-faridabad-news-noi655290935","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं बीमार न कर दे मौसम में उतार-चढ़ाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं बीमार न कर दे मौसम में उतार-चढ़ाव
विज्ञापन
फरीदाबाद। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। रविवार शाम हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। बारिश तो नहीं हुई, लेकिन उमस ने लोगों को परेशान किया। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हैजा, डायरिया, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों से बिस्तर फुल हैं।
मौसम में बदलाव के साथ वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसमें खांसी, जुकाम, गला खराब होना, बुखार, उल्टी, दस्त के रोगियों की संख्या अधिक है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिले में एक सप्ताह पहले अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से अधिकतम तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। रविवार को हुई बारिश से सुबह-शाम ठंडक महसूस की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सोमवार को फिर तापमान दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की रोजाना की ओपीडी पहले तीन हजार की होती थी। यह अब बढ़कर करीब 3600 पहुंच गई। हालत ये हैं कि सुबह इलाज के लिए डॉक्टरों की ओपीडी में पहुंच मरीजों का दोपहर बाद भी नंबर नहीं आया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। इसी तरह निजी अस्पताल की ओपीडी में इजाफा हुआ है। इनमें अधिकांश मरीज जुकाम, खांसी और अस्थमा की शिकायत के शामिल हैं। साथ ही बच्चे और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक का कहना है कि मौसम बदलाव होने से इम्युनिटी काफी तेजी से कम होती है। सुबह-शाम के मौसम में नमी होने के कारण मौसम में मौजूद संक्रमण शरीर पर अटैक कर देते हैं।
विज्ञापन
ये बरतें सावधानियां
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
बार-बार हाथ को नाक पर न लगाएं, इससे हाथ के इंफेक्शन नाक से शरीर में जाते हैं।
कुछ भी खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
ज्यादा देर रखा हुआ भोजन न करें। गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो जाता है।
विज्ञापन
मौसम में बदलाव के साथ वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसमें खांसी, जुकाम, गला खराब होना, बुखार, उल्टी, दस्त के रोगियों की संख्या अधिक है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिले में एक सप्ताह पहले अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
विज्ञापन
दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से अधिकतम तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। रविवार को हुई बारिश से सुबह-शाम ठंडक महसूस की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सोमवार को फिर तापमान दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की रोजाना की ओपीडी पहले तीन हजार की होती थी। यह अब बढ़कर करीब 3600 पहुंच गई। हालत ये हैं कि सुबह इलाज के लिए डॉक्टरों की ओपीडी में पहुंच मरीजों का दोपहर बाद भी नंबर नहीं आया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। इसी तरह निजी अस्पताल की ओपीडी में इजाफा हुआ है। इनमें अधिकांश मरीज जुकाम, खांसी और अस्थमा की शिकायत के शामिल हैं। साथ ही बच्चे और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक का कहना है कि मौसम बदलाव होने से इम्युनिटी काफी तेजी से कम होती है। सुबह-शाम के मौसम में नमी होने के कारण मौसम में मौजूद संक्रमण शरीर पर अटैक कर देते हैं।
विज्ञापन
ये बरतें सावधानियां
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
बार-बार हाथ को नाक पर न लगाएं, इससे हाथ के इंफेक्शन नाक से शरीर में जाते हैं।
कुछ भी खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
ज्यादा देर रखा हुआ भोजन न करें। गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो जाता है।