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Faridabad News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 73 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा

Sun, 15 Mar 2026 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:35 AM IST
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Disposal of more than 73,000 cases in the National People's Court
आपसी सहमति से सुलझे विवाद, कुल 16 बेंचों ने एक साथ बैठकर रिकॉर्ड स्तर पर फाइलों का निपटारा किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं न्यायमूर्ति पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ माननीय दीपक सिंबल के दिशा-निर्देशानुसार शनिवार को फरीदाबाद जिला अदालत में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संदीप गर्ग की अध्यक्षता व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रितु यादव की देखरेख में आयोजित इस लोक अदालत ने लंबित मामलों के निपटारे में नया कीर्तिमान स्थापित किया।

न्यायिक अधिकारियों की कुल 16 बेंचों ने एक साथ बैठकर रिकॉर्ड स्तर पर फाइलों का निपटारा किया, जिससे हजारों लोगों को सालों पुराने मुकदमों से मुक्ति मिली। लोक अदालत में सुनवाई के लिए कुल 93,164 केस रखे गए थे, जिनमें से 73,869 मामलों का आपसी सहमति से मौके पर ही समाधान कर दिया गया। निपटारे के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक रुझान ट्रैफिक चालानों को लेकर देखा गया, जहां 63,727 समरी चालान निपटाए गए। इसके अलावा 5,782 रेवेन्यू केस, 1,994 बैंक रिकवरी मामले, 856 छोटे आपराधिक मामले, 800 बिजली से संबंधित विवाद और 404 चेक बाउंस के मामलों को आपसी रजामंदी से बंद किया गया। मोटर वाहन दुर्घटना के 42, दीवानी के 183 और वैवाहिक विवाद के 63 मामलों में भी दोनों पक्षों ने हाथ मिलाकर विवाद को हमेशा के लिए खत्म किया।
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सीजेएम रितु यादव ने बताया कि लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सुलभ और सस्ता माध्यम है। यहां होने वाले फैसले की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके विरुद्ध किसी भी उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं की जा सकती, जिससे केस का अंत हमेशा के लिए हो जाता है। इसके साथ ही, लोक अदालत में समझौता होने पर याचिकाकर्ता की कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। इस आयोजन में सुधीर जीवन, अजय शर्मा, ज्योति लंबा, विजय जेम्स और जितेंद्र सिंह सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों की बेंच ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस सफल आयोजन से न केवल अदालतों पर बोझ कम हुआ है, बल्कि आमजन के समय और धन की भी बड़ी बचत हुई है।
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