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Faridabad News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फैल रहीं बीमारियां
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। बाढ़ के पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और रासायनिक तत्वों के चलते लोग त्वचा, आंखों और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जांच शिविरों में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 229 लोग बुखार की शिकायत लेकर शिविरों में पहुंचे हैं। वहीं 148 लोग त्वचा रोग जैसे दाद, खाज आदि से पीड़ित पाए गए हैं। इसके अलावा आंखों में संक्रमण और पेट की बीमारियों से जूझ रहे लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
जांच शिविरों में 96 लोग पेट संबंधी परेशानी जैसे गैस, अपच आदि लेकर पहुंचे, जबकि दो लोगों में दस्त की शिकायत पाई गई। इसके अलावा 257 लोगों ने अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर परामर्श लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि बाढ़ के पानी से न केवल जल स्रोत दूषित हो जाते हैं, बल्कि साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण भी तेजी से फैलता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लोगों को उबला हुआ पानी पीने, हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
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जागरूकता और बचाव पर जोर
बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और साफ पानी पीने पर जोर दिया जा रहा है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित दौरा कर रही है, ताकि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और किसी भी प्रकार की महामारी को फैलने से रोका जा सके। - डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। बाढ़ के पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और रासायनिक तत्वों के चलते लोग त्वचा, आंखों और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जांच शिविरों में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 229 लोग बुखार की शिकायत लेकर शिविरों में पहुंचे हैं। वहीं 148 लोग त्वचा रोग जैसे दाद, खाज आदि से पीड़ित पाए गए हैं। इसके अलावा आंखों में संक्रमण और पेट की बीमारियों से जूझ रहे लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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जांच शिविरों में 96 लोग पेट संबंधी परेशानी जैसे गैस, अपच आदि लेकर पहुंचे, जबकि दो लोगों में दस्त की शिकायत पाई गई। इसके अलावा 257 लोगों ने अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर परामर्श लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि बाढ़ के पानी से न केवल जल स्रोत दूषित हो जाते हैं, बल्कि साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण भी तेजी से फैलता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लोगों को उबला हुआ पानी पीने, हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
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जागरूकता और बचाव पर जोर
बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और साफ पानी पीने पर जोर दिया जा रहा है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित दौरा कर रही है, ताकि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और किसी भी प्रकार की महामारी को फैलने से रोका जा सके। - डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी