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Faridabad News: जर्जर ओवरहेड टैंक होंगे ध्वस्त, बेशकीमती जमीन दोबारा उपयोग में लेगा प्रशासन
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कागजी प्रक्रिया हुई पूरी, जल्द ही एजेंसी का चयन कर काम शुरू कर दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित जर्जर और अनुपयोगी ओवरहेड टैंकों को ध्वस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। निगम ने इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है । जल्द ही एजेंसी का चयन कर काम शुरू कर दिया जाएगा। कई स्थानों पर ये ओवरहेड टैंक अब उपयोग में नहीं हैं और उनकी संरचना कमजोर होकर हादसों का कारण बन सकती है।
नगर निगम के अनुसार इन टैंकों को हटाने का मुख्य उद्देश्य संरचनात्मक रूप से असुरक्षित ढांचों को समय रहते ध्वस्त करना है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से लोगों की जान-माल की हानि न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने और जर्जर टैंकों में दरारें आ चुकी हैं, जो किसी भी समय गिरकर बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में इनका सुरक्षित तरीके से हटाया जाना नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
इन टैंकों को हटाया जाएगा
पहले चरण में जिन टैंकों को ध्वस्त किया जाना है, उनमें तिकोना पार्क, सेंट्रल ग्रीन, ईएसआई बूस्टिंग और सेक्टर-21 के ओवरहेड टैंक शामिल हैं। निगम का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आने वाले समय में अन्य टैंकों को भी इसी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।
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सुरक्षा का रखा जाएगा खास ध्यान
काम करने वाले एजेंसी को न केवल टैंक को ध्वस्त करना होगा बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजाम भी सुनिश्चित करने होंगे। इसके लिए सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी संकेत, आपातकालीन व्यवस्था और श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण का उपयोग अनिवार्य होगा। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण कार्य से उत्पन्न धूल, शोर और कंपन को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक उपाय करने होंगे।
राजस्व साझेदारी के तहत होगा कार्य
इस परियोजना की खास बात यह है कि निगम ने इसे राजस्व साझेदारी मॉडल पर आधारित किया है। टैंकों के ध्वस्तीकरण से प्राप्त लोहे और कंक्रीट जैसे सामान की बिक्री से अच्छी-खासी आय होने की संभावना है। निगम ने प्रत्येक टैंक के लिए न्यूनतम दो लाख रुपये का आधार मूल्य तय किया है।
शहर के विकास में नींव साबित होगा कार्य
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल नागरिकों को सुरक्षा मिलेगी बल्कि खाली हुई भूमि का उपयोग पार्क, सामुदायिक केंद्र या अन्य उपयोगी सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए किया जा सकेगा। शहरी नियोजन के हिसाब से यह पहल फरीदाबाद की स्मार्ट सिटी अवधारणा को भी मजबूती देगी।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में लोगों को इन सभी परियोजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित जर्जर और अनुपयोगी ओवरहेड टैंकों को ध्वस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। निगम ने इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है । जल्द ही एजेंसी का चयन कर काम शुरू कर दिया जाएगा। कई स्थानों पर ये ओवरहेड टैंक अब उपयोग में नहीं हैं और उनकी संरचना कमजोर होकर हादसों का कारण बन सकती है।
नगर निगम के अनुसार इन टैंकों को हटाने का मुख्य उद्देश्य संरचनात्मक रूप से असुरक्षित ढांचों को समय रहते ध्वस्त करना है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से लोगों की जान-माल की हानि न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने और जर्जर टैंकों में दरारें आ चुकी हैं, जो किसी भी समय गिरकर बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में इनका सुरक्षित तरीके से हटाया जाना नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
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इन टैंकों को हटाया जाएगा
पहले चरण में जिन टैंकों को ध्वस्त किया जाना है, उनमें तिकोना पार्क, सेंट्रल ग्रीन, ईएसआई बूस्टिंग और सेक्टर-21 के ओवरहेड टैंक शामिल हैं। निगम का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आने वाले समय में अन्य टैंकों को भी इसी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।
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सुरक्षा का रखा जाएगा खास ध्यान
काम करने वाले एजेंसी को न केवल टैंक को ध्वस्त करना होगा बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजाम भी सुनिश्चित करने होंगे। इसके लिए सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी संकेत, आपातकालीन व्यवस्था और श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण का उपयोग अनिवार्य होगा। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण कार्य से उत्पन्न धूल, शोर और कंपन को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक उपाय करने होंगे।
राजस्व साझेदारी के तहत होगा कार्य
इस परियोजना की खास बात यह है कि निगम ने इसे राजस्व साझेदारी मॉडल पर आधारित किया है। टैंकों के ध्वस्तीकरण से प्राप्त लोहे और कंक्रीट जैसे सामान की बिक्री से अच्छी-खासी आय होने की संभावना है। निगम ने प्रत्येक टैंक के लिए न्यूनतम दो लाख रुपये का आधार मूल्य तय किया है।
शहर के विकास में नींव साबित होगा कार्य
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल नागरिकों को सुरक्षा मिलेगी बल्कि खाली हुई भूमि का उपयोग पार्क, सामुदायिक केंद्र या अन्य उपयोगी सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए किया जा सकेगा। शहरी नियोजन के हिसाब से यह पहल फरीदाबाद की स्मार्ट सिटी अवधारणा को भी मजबूती देगी।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में लोगों को इन सभी परियोजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।