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Faridabad News: बीके अस्पताल में बढ़े डायरिया के मरीज
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बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर असर डाल रही
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बढ़ती गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो शुक्रवार की तुलना में एक डिग्री अधिक रहा। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
बीके अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 20 मरीज डायरिया और पानी की कमी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले मौसम सुहावना होने के कारण यह संख्या घटकर दो से तीन मरीज प्रतिदिन तक रह गई थी, लेकिन तापमान बढ़ते ही मरीजों की संख्या में फिर तेजी आने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर सबसे अधिक पड़ रहा है।
बीके अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि खुले में बिक रहे कटे फल, बर्फ वाले जूस और रेहड़ियों पर मिलने वाले मसालेदार भोजन डायरिया फैलने की बड़ी वजह बन रहे हैं। गर्मी में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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उन्होंने बताया कि तेज धूप और अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी और ग्लूकोज की कमी हो रही है, जिससे लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। कई बार कटे फल लंबे समय तक खुले में रखे रहते हैं, जिन पर धूल और मक्खियां बैठने से बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ताजा और स्वच्छ भोजन करने तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बढ़ती गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो शुक्रवार की तुलना में एक डिग्री अधिक रहा। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
बीके अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 20 मरीज डायरिया और पानी की कमी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले मौसम सुहावना होने के कारण यह संख्या घटकर दो से तीन मरीज प्रतिदिन तक रह गई थी, लेकिन तापमान बढ़ते ही मरीजों की संख्या में फिर तेजी आने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर सबसे अधिक पड़ रहा है।
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बीके अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि खुले में बिक रहे कटे फल, बर्फ वाले जूस और रेहड़ियों पर मिलने वाले मसालेदार भोजन डायरिया फैलने की बड़ी वजह बन रहे हैं। गर्मी में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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उन्होंने बताया कि तेज धूप और अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी और ग्लूकोज की कमी हो रही है, जिससे लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। कई बार कटे फल लंबे समय तक खुले में रखे रहते हैं, जिन पर धूल और मक्खियां बैठने से बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ताजा और स्वच्छ भोजन करने तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी है।