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जिले में बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज, वार्ड केवल 10 बेड का
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फरीदाबाद। जिले में डेंगू के मरीज बढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार को इसके तीन नए रोगियों की पुष्टि हुई है। यानी कुल मिलाकर अब संख्या 12 हो गई है। एक बीके सिविल अस्पताल में भर्ती हुआ है। चिंता की बात ये है कि यहां 24 लाख की आबादी पर सरकारी स्तर पर केवल 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है जो आगे मरीजों की संख्या बढ़ने पर परेशानी भी बढ़ा देगा। फिलहाल सभी मरीजों की हालत ठीक है। स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को बाहर के जिलों से आने वाले लोगों की रिपोर्ट नियमित रूप से भेजने के आदेश दिए हैं।
चार मरीज पलवल के, एक मथुरा का
मौसम में बदलाव से वायरल और डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। सरकारी व निजी अस्पतालों में पिछले दिनों में 15 बच्चों समेत 30 लोगों को वायरल बुखार होने पर भर्ती कराया गया। सिविल अस्पताल बीके और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में 20 फीसदी मरीजों की वृद्धि हुई है। ये मरीज बुखार, सर्दी और संक्रमण से पीड़ित हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह सीजनल फ्लू है। वायरल बुखार के मरीज अचानक बढ़ने से अस्पतालों में दहशत का माहौल है। अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते से मामलों में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अगस्त के तीसरे हफ्ते तक बुखार के मरीजों की संख्या करीब पांच फीसदी थी। बृहस्पतिवार को डेंगू के तीन नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के कुल मामलों की संख्या नौ से बढ़कर 12 हो गई है। मलेरिया के पांच मामले हैं। वहीं फिरोजाबाद, लखनऊ और मथुरा में बुखार ने कहर ढहाया हुआ है। शहर के निजी अस्पतालों में उत्तर प्रदेश से काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसे देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। निजी अस्पतालों को सख्त हिदायत दी गई है कि दूसरे जिलों से आने वाले बुखार के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से दी जाए। बृहस्पतिवार को
पलवल से चार और मथुरा से डेंगू के एक मरीज को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल मरीजों ही हालत सामान्य है।
रोजाना आते हैं 25 हजार मरीज
जिले की आबादी करीब 24 लाख है। सरकारी स्तर पर केवल एक मात्र सिविल अस्पताल है। यहां रोजाना करीब 25 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल व सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल है। यहां केवल ईएसआई कार्डधारकों का इलाज होता है। ऐसे में यदि कोरोना संक्रमण की तरह डेंगू का कहर बढ़ा तो स्वास्थ्य विभाग को स्थिति संभालनी मुश्किल हो जाएगी।
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पूरा इलाज अस्पताल में ही उपलब्ध है
बीके सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने कहा कि अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा मरीजों का पूरा इलाज अस्पताल में उपलब्ध है। जांच के लिए भी मरीज को कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
बारिश के बाद बढ़ी गर्मी के कारण मौसम तेजी से बदलाव रहा है। मौसम में आद्रता बढ़ गई है। वायरल फीवर के मामलों में इजाफा हुआ है और डेंगू के नए मामले भी अस्पतालों में आ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतने की खास जरूरत है।
- डॉ. प्रवल रॉय, चेयरमैन, एकॉर्ड अस्पताल, ग्रेटर फरीदाबाद
पानी से होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। ओपीडी में रोजाना 20 से 25 नए मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज ज्यादा है।
- डॉ. पवन खरबंदा, वरिष्ठ फिजीशियन, मेट्रो अस्पताल
एक सप्ताह पहले खसरा के मरीज ज्यादा आ रहे थे। अब वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इन मरीजों के लक्षण आधार पर फ्लू के टेस्ट कराए गए। कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ऐसे मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- डॉ. अनुराग अग्रवाल, फिजीशियन, क्यूआरजी हेल्थ सिटी अस्पताल
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चार मरीज पलवल के, एक मथुरा का
मौसम में बदलाव से वायरल और डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। सरकारी व निजी अस्पतालों में पिछले दिनों में 15 बच्चों समेत 30 लोगों को वायरल बुखार होने पर भर्ती कराया गया। सिविल अस्पताल बीके और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में 20 फीसदी मरीजों की वृद्धि हुई है। ये मरीज बुखार, सर्दी और संक्रमण से पीड़ित हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह सीजनल फ्लू है। वायरल बुखार के मरीज अचानक बढ़ने से अस्पतालों में दहशत का माहौल है। अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते से मामलों में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अगस्त के तीसरे हफ्ते तक बुखार के मरीजों की संख्या करीब पांच फीसदी थी। बृहस्पतिवार को डेंगू के तीन नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के कुल मामलों की संख्या नौ से बढ़कर 12 हो गई है। मलेरिया के पांच मामले हैं। वहीं फिरोजाबाद, लखनऊ और मथुरा में बुखार ने कहर ढहाया हुआ है। शहर के निजी अस्पतालों में उत्तर प्रदेश से काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसे देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। निजी अस्पतालों को सख्त हिदायत दी गई है कि दूसरे जिलों से आने वाले बुखार के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से दी जाए। बृहस्पतिवार को
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पलवल से चार और मथुरा से डेंगू के एक मरीज को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल मरीजों ही हालत सामान्य है।
रोजाना आते हैं 25 हजार मरीज
जिले की आबादी करीब 24 लाख है। सरकारी स्तर पर केवल एक मात्र सिविल अस्पताल है। यहां रोजाना करीब 25 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल व सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल है। यहां केवल ईएसआई कार्डधारकों का इलाज होता है। ऐसे में यदि कोरोना संक्रमण की तरह डेंगू का कहर बढ़ा तो स्वास्थ्य विभाग को स्थिति संभालनी मुश्किल हो जाएगी।
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पूरा इलाज अस्पताल में ही उपलब्ध है
बीके सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने कहा कि अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा मरीजों का पूरा इलाज अस्पताल में उपलब्ध है। जांच के लिए भी मरीज को कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
बारिश के बाद बढ़ी गर्मी के कारण मौसम तेजी से बदलाव रहा है। मौसम में आद्रता बढ़ गई है। वायरल फीवर के मामलों में इजाफा हुआ है और डेंगू के नए मामले भी अस्पतालों में आ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतने की खास जरूरत है।
- डॉ. प्रवल रॉय, चेयरमैन, एकॉर्ड अस्पताल, ग्रेटर फरीदाबाद
पानी से होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। ओपीडी में रोजाना 20 से 25 नए मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज ज्यादा है।
- डॉ. पवन खरबंदा, वरिष्ठ फिजीशियन, मेट्रो अस्पताल
एक सप्ताह पहले खसरा के मरीज ज्यादा आ रहे थे। अब वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इन मरीजों के लक्षण आधार पर फ्लू के टेस्ट कराए गए। कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ऐसे मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- डॉ. अनुराग अग्रवाल, फिजीशियन, क्यूआरजी हेल्थ सिटी अस्पताल