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Faridabad News: मारपीट में खतरनाक हथियार से गंभीर चोट की धारा जोड़ने की मांग खारिज

Sat, 25 Apr 2026 12:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:23 AM IST
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Demand to add section of grievous hurt with dangerous weapon in assault rejected
कोर्ट ने कहा-गंभीर धारा लगाने का ठोस आधार नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने मारपीट के एक मामले में शिकायतकर्ता की धारा 326 जोड़ने की मांग को खारिज कर दिया और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। यह फैसला 23 अप्रैल को सुनाया गया, जिसमें अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गंभीर धारा लगाने का कोई ठोस आधार नहीं बनता है।


धारा 326 भारतीय दंड संहिता की गंभीर धारा है, जो खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुंचाने पर लगती है। इसमें ऐसे मामलों को शामिल किया जाता है जहां चोट से हड्डी टूटे, स्थायी नुकसान हो या जान को खतरा पैदा हो। इस धारा में उम्रकैद या 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। मामला 14 नवंबर 2017 का है, जब शिकायतकर्ता कामेश पर गांव मोहला के पास मंदीप, आकाश और देशराज ने कथित रूप से लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया था। इस हमले में उसके हाथ में फ्रैक्चर आया था। मामले में थाना सदर बल्लभगढ़ में एफआईआर दर्ज कर धारा 323, 325, 341, 506 और 34 के तहत केस चल रहा है और 18 अप्रैल 2018 को आरोप तय किए गए थे। करीब सात साल बाद 11 मार्च 2025 को शिकायतकर्ता ने अदालत में अर्जी देकर धारा 326 जोड़ने की मांग की, जिसे चार सितंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की गई थी। अदालत ने पाया कि चोट सिर या किसी जानलेवा हिस्से पर नहीं लगी थी, जिससे धारा 326 के आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते हैं। इन तथ्यों के आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।
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