{"_id":"6a55339c67d3edbb3f0789e4","slug":"delay-in-treatment-at-esi-hospital-exacerbates-problems-labor-unions-raise-questions-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-74826-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: ईएसआई अस्पताल में इलाज में देरी से बढ़ी परेशानी, श्रमिक संगठनों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: ईएसआई अस्पताल में इलाज में देरी से बढ़ी परेशानी, श्रमिक संगठनों ने उठाए सवाल
विज्ञापन
प्रतिनिधियों ने डीन से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच और रिपोर्ट मिलने में देरी, दवाओं की अनुपलब्धता और मरीजों के परिजनों को इलाज की जानकारी नहीं दिए जाने की शिकायतों के बीच सोमवार को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेडिकल कॉलेज के डीन और चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात कर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि जांच में देरी के कारण मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है और उन्हें अपेक्षा से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ रहा है।
अस्पताल में फरीदाबाद के छह लाख से अधिक ईएसआई कार्डधारकों के अलावा दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का आरोप है कि कई जांचों के लिए कई दिनों बाद की तारीख मिलती है। जांच होने के बाद भी रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती, जिससे चिकित्सकीय निर्णय और उपचार शुरू होने में देरी होती है। वहीं कई परिजनों का कहना है कि डॉक्टर और स्टाफ इलाज की प्रगति के बारे में नियमित जानकारी भी साझा नहीं करते, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
सोमवार को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने डीन डॉ. कालीदास दत्तात्रेय चव्हाण और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार से मुलाकात कर अस्पताल की कमियों को रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि मरीजों को दवाओं और जांच दोनों के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग भी की।
विज्ञापन
प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ गई। आधा साल इलाज में ही बीत गया, लेकिन अब भी इलाज पूरा नहीं हुआ है।
-मोहम्मद शहनवाज, अनंगपुर निवासी
23 जून से अस्पताल में हूं। जांच और रिपोर्ट में देरी के कारण नौकरी छोड़कर पत्नी के साथ रहना पड़ रहा है।
-मोहम्मद शहनवाज, अनंगपुर निवासी
इलाज की जानकारी परिजनों को समय पर नहीं दी जाती। इससे अनावश्यक चिंता बनी रहती है।
-गोलू शर्मा, राजीव कॉलोनी
ईएसआई कार्डधारकों के वेतन से अंशदान कटता है, लेकिन उन्हें समय पर दवा और जांच की सुविधा नहीं मिल रही।
-संजय मौर्य, कर्मचारी संगठन प्रतिनिधि
अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और अस्पताल में किसी प्रकार की कमी नहीं है। यदि किसी स्तर पर कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. कालीदास दत्तात्रेय चव्हाण, डीन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच और रिपोर्ट मिलने में देरी, दवाओं की अनुपलब्धता और मरीजों के परिजनों को इलाज की जानकारी नहीं दिए जाने की शिकायतों के बीच सोमवार को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेडिकल कॉलेज के डीन और चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात कर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि जांच में देरी के कारण मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है और उन्हें अपेक्षा से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ रहा है।
अस्पताल में फरीदाबाद के छह लाख से अधिक ईएसआई कार्डधारकों के अलावा दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का आरोप है कि कई जांचों के लिए कई दिनों बाद की तारीख मिलती है। जांच होने के बाद भी रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती, जिससे चिकित्सकीय निर्णय और उपचार शुरू होने में देरी होती है। वहीं कई परिजनों का कहना है कि डॉक्टर और स्टाफ इलाज की प्रगति के बारे में नियमित जानकारी भी साझा नहीं करते, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
विज्ञापन
सोमवार को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने डीन डॉ. कालीदास दत्तात्रेय चव्हाण और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार से मुलाकात कर अस्पताल की कमियों को रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि मरीजों को दवाओं और जांच दोनों के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग भी की।
विज्ञापन
प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ गई। आधा साल इलाज में ही बीत गया, लेकिन अब भी इलाज पूरा नहीं हुआ है।
-मोहम्मद शहनवाज, अनंगपुर निवासी
23 जून से अस्पताल में हूं। जांच और रिपोर्ट में देरी के कारण नौकरी छोड़कर पत्नी के साथ रहना पड़ रहा है।
-मोहम्मद शहनवाज, अनंगपुर निवासी
इलाज की जानकारी परिजनों को समय पर नहीं दी जाती। इससे अनावश्यक चिंता बनी रहती है।
-गोलू शर्मा, राजीव कॉलोनी
ईएसआई कार्डधारकों के वेतन से अंशदान कटता है, लेकिन उन्हें समय पर दवा और जांच की सुविधा नहीं मिल रही।
-संजय मौर्य, कर्मचारी संगठन प्रतिनिधि
अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और अस्पताल में किसी प्रकार की कमी नहीं है। यदि किसी स्तर पर कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. कालीदास दत्तात्रेय चव्हाण, डीन