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Faridabad News: सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) की राष्ट्रीय जरनल कौंसिल की बैठक सूरजकुंड में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए चार लेबर कोड्स को लागू करने की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। बैठक में इन नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करने का फैसला लिया गया।
सीटू यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. के. हेमलता ने दो टूक कहा कि सेंटर इंडियन ऑफ ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) मजदूर-कर्मचारी हितों के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों के खिलाफ बड़ा प्रतिरोध खड़ा करेगी। इस दौरान महासचिव कामरेड तपन ने जरनल कौंसिल में केंद्र सरकार की नीतियों पर और सांगठनिक एवं आंदोलनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रीय सचिव सुदीप दत्ता ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और इसके प्रभावों पर विशेष पेपर प्रस्तुत किया। स्वागत समिति के चेयरमैन एवं अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मीटिंग में आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने 9 जुलाई को होने वाली राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सघनता के साथ अभियान चलाने का आह्वान किया। बैठक में सचिव ए.आर.सिंधु ने कहा कि सरकार मजदूर हित में बने कानूनों को खत्म कर लेबर कोड्स को थोपना चाहती है। इसलिए काम के घंटे 8 से घटकर 6 किए जाने चाहिए लेकिन केंद्र सरकार ने लेबर कोड्स में इसे 12 घंटे तक करने का प्रावधान कर दिया है। न्यूनतम वेतन में इजाफा नहीं किया जा रहा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव जय भगवान, उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने भी अपनी बात कही।
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फरीदाबाद। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) की राष्ट्रीय जरनल कौंसिल की बैठक सूरजकुंड में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए चार लेबर कोड्स को लागू करने की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। बैठक में इन नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करने का फैसला लिया गया।
सीटू यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. के. हेमलता ने दो टूक कहा कि सेंटर इंडियन ऑफ ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) मजदूर-कर्मचारी हितों के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों के खिलाफ बड़ा प्रतिरोध खड़ा करेगी। इस दौरान महासचिव कामरेड तपन ने जरनल कौंसिल में केंद्र सरकार की नीतियों पर और सांगठनिक एवं आंदोलनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रीय सचिव सुदीप दत्ता ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और इसके प्रभावों पर विशेष पेपर प्रस्तुत किया। स्वागत समिति के चेयरमैन एवं अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मीटिंग में आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने 9 जुलाई को होने वाली राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सघनता के साथ अभियान चलाने का आह्वान किया। बैठक में सचिव ए.आर.सिंधु ने कहा कि सरकार मजदूर हित में बने कानूनों को खत्म कर लेबर कोड्स को थोपना चाहती है। इसलिए काम के घंटे 8 से घटकर 6 किए जाने चाहिए लेकिन केंद्र सरकार ने लेबर कोड्स में इसे 12 घंटे तक करने का प्रावधान कर दिया है। न्यूनतम वेतन में इजाफा नहीं किया जा रहा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव जय भगवान, उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने भी अपनी बात कही।
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