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Faridabad News: स्नातक कक्षाओं में दाखिले की अंतिम तिथि संपन्न
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अब भी 15 से 20 फीसदी सीटें खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया की निर्धारित अंतिम तिथि 15 सितंबर को समाप्त हो गई लेकिन इसके बावजूद कॉलेजों में करीब 20 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली रह गई हैं।
ओपन काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को दाखिले का अंतिम मौका दिए जाने के बाद भी सभी सीटें नहीं भर सकीं। ऐसे में कई पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त रहने से कॉलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। जिले के आठ सरकारी महाविद्यालयों में सबसे अधिक रिक्त सीटें कुछ चुनिंदा पाठ्यक्रमों में हैं। इनमें फिजिकल साइंस, बीए ऑनर्स, बीएससी केमिस्ट्री और बीए इवनिंग जैसे पाठ्यक्रम प्रमुख हैं। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम रुचि के चलते सीटें खाली रह गई हैं। वहीं दूसरी ओर रोजगारपरक और विद्यार्थियों की पहली पसंद वाले पाठ्यक्रमों में दाखिले की स्थिति बेहतर रही।
प्रमुख शिक्षण संस्थानों की बात करें तो सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज में कुल 2,220 सीटों में से करीब 300 सीटें रिक्त हैं। इसी तरह सेक्टर-16 स्थित महिला महाविद्यालय में 600 में से लगभग 100 सीटें खाली हैं। अन्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कॉलेजों का भी यही हाल है। नचौली महाविद्यालय में 320 में से 100 से अधिक, बल्लभगढ़ राजकीय महिला महाविद्यालय में 640 में से 100 से ज्यादा, मोहना कॉलेज में 260 में से करीब 50, खेड़ी गुजरान में 400 में से लगभग 60 और तिगांव महाविद्यालय में 760 में से लगभग सीटें खाली हैं। अंतिम दिनों में ओपन काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों ने दाखिले लिए लेकिन उपलब्ध सीटों के मुकाबले आवेदन कम रहने से सभी सीटें नहीं भर सकीं।
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दूसरी ओर बीबीए, बीसीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की पहली पसंद बने रहे। इन पाठ्यक्रमों में करीब 98 प्रतिशत से अधिक सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। खेड़ी गुजरान और तिगांव के कुछ कॉलेजों को छोड़कर अधिकांश महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों की लगभग सभी सीटें भर चुकी हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, दाखिले की निर्धारित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब खाली सीटों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के अगले निर्देश का इंतजार रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया की निर्धारित अंतिम तिथि 15 सितंबर को समाप्त हो गई लेकिन इसके बावजूद कॉलेजों में करीब 20 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली रह गई हैं।
ओपन काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को दाखिले का अंतिम मौका दिए जाने के बाद भी सभी सीटें नहीं भर सकीं। ऐसे में कई पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त रहने से कॉलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। जिले के आठ सरकारी महाविद्यालयों में सबसे अधिक रिक्त सीटें कुछ चुनिंदा पाठ्यक्रमों में हैं। इनमें फिजिकल साइंस, बीए ऑनर्स, बीएससी केमिस्ट्री और बीए इवनिंग जैसे पाठ्यक्रम प्रमुख हैं। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम रुचि के चलते सीटें खाली रह गई हैं। वहीं दूसरी ओर रोजगारपरक और विद्यार्थियों की पहली पसंद वाले पाठ्यक्रमों में दाखिले की स्थिति बेहतर रही।
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प्रमुख शिक्षण संस्थानों की बात करें तो सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज में कुल 2,220 सीटों में से करीब 300 सीटें रिक्त हैं। इसी तरह सेक्टर-16 स्थित महिला महाविद्यालय में 600 में से लगभग 100 सीटें खाली हैं। अन्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कॉलेजों का भी यही हाल है। नचौली महाविद्यालय में 320 में से 100 से अधिक, बल्लभगढ़ राजकीय महिला महाविद्यालय में 640 में से 100 से ज्यादा, मोहना कॉलेज में 260 में से करीब 50, खेड़ी गुजरान में 400 में से लगभग 60 और तिगांव महाविद्यालय में 760 में से लगभग सीटें खाली हैं। अंतिम दिनों में ओपन काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों ने दाखिले लिए लेकिन उपलब्ध सीटों के मुकाबले आवेदन कम रहने से सभी सीटें नहीं भर सकीं।
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दूसरी ओर बीबीए, बीसीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की पहली पसंद बने रहे। इन पाठ्यक्रमों में करीब 98 प्रतिशत से अधिक सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। खेड़ी गुजरान और तिगांव के कुछ कॉलेजों को छोड़कर अधिकांश महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों की लगभग सभी सीटें भर चुकी हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, दाखिले की निर्धारित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब खाली सीटों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के अगले निर्देश का इंतजार रहेगा।