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लीड प्रस्तावित- साइबर क्राइम की टीम की नेपाल बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक: अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 10 आरोपी गिरफ्त में
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लीड प्रस्तावित- साइबर क्राइम की टीम की नेपाल बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक: अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 10 आरोपी गिरफ्त में
-नेपाल बॉर्डर से दबोचे गए शातिर, 27 मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद, 100 से ज्यादा शिकायतों से जुड़ा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार-नेपाल सीमा से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 27 मोबाइल फोन, 9 पासबुक और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से अधिक ठगी की वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें करोड़ों रुपये का फ्रॉड सामने आया है।
अमर उजाला ने जुलाई में ही खुलासा किया था कि शहर में इस तरीके से साइबर क्राइम के गिरोह कंबोडिया से संचालित हो रहा है और वहीं से युवाओं को ऑनलाइन ठगी के लिए ट्रेनिंग दी जाती है।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
यह मामला हर्ष कुमार पुत्र रवि प्रकाश निवासी मानपुर की शिकायत से शुरू हुआ। 21 अगस्त 2025 को दर्ज शिकायत में हर्ष ने बताया कि टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट स्कीम का झांसा देकर उससे 10,657 रुपये ठग लिए गए। रकम निकालने की कोशिश पर उस पर टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे डालने का दबाव बनाया गया।
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तकनीकी जांच से मिली सफलता
शिकायत के बाद साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार की टीम ने तकनीकी साक्ष्य खंगाले। बैंक खातों और मोबाइल की ट्रैकिंग के बाद टीम 23 अगस्त को 1500 किलोमीटर दूर जोगबानी (बिहार-नेपाल सीमा) पहुंची और वहां से 10 आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों को राहधारी रिमांड पर पलवल लाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के 6, पश्चिम बंगाल के 2, नेपाल का 1 और मध्य प्रदेश का 1 आरोपी शामिल है। इनके नाम हैं – यश परिहार (जोधपुर), विजय उपाध्याय (कंचनपुर, नेपाल), सोजस नाथ (नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल), रवि सिंह (बिकानेर), भागचंद (जोधपुर), गजेन्द्र सिंह सैनी (जोधपुर), जिरनजीत दास (नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल), नरेन्द्र सिंह (गंगानगर), पंकज देवड़ा (जोधपुर) और रोहित भार्गव (देवास, मध्य प्रदेश)।
देशभर में 100 से अधिक केसों से जुड़ा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इन आरोपियों के मोबाइल और बैंक दस्तावेजों की जांच में यह बात सामने आई कि देशभर से 100 से अधिक शिकायतें इनसे जुड़ी हुई हैं। ठगी की राशि करोड़ों रुपये तक पहुंचा गई है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के बयान
एसपी वरुण सिंगला - यह कार्रवाई तकनीक और टीमवर्क का नतीजा है। साइबर अपराध हमारी प्राथमिकता है और हम अपराधियों को बेनकाब करते रहेंगे।
साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार-- अभी मामले की गहराई से जांच जारी है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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-नेपाल बॉर्डर से दबोचे गए शातिर, 27 मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद, 100 से ज्यादा शिकायतों से जुड़ा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार-नेपाल सीमा से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 27 मोबाइल फोन, 9 पासबुक और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से अधिक ठगी की वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें करोड़ों रुपये का फ्रॉड सामने आया है।
अमर उजाला ने जुलाई में ही खुलासा किया था कि शहर में इस तरीके से साइबर क्राइम के गिरोह कंबोडिया से संचालित हो रहा है और वहीं से युवाओं को ऑनलाइन ठगी के लिए ट्रेनिंग दी जाती है।
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शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
यह मामला हर्ष कुमार पुत्र रवि प्रकाश निवासी मानपुर की शिकायत से शुरू हुआ। 21 अगस्त 2025 को दर्ज शिकायत में हर्ष ने बताया कि टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट स्कीम का झांसा देकर उससे 10,657 रुपये ठग लिए गए। रकम निकालने की कोशिश पर उस पर टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे डालने का दबाव बनाया गया।
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तकनीकी जांच से मिली सफलता
शिकायत के बाद साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार की टीम ने तकनीकी साक्ष्य खंगाले। बैंक खातों और मोबाइल की ट्रैकिंग के बाद टीम 23 अगस्त को 1500 किलोमीटर दूर जोगबानी (बिहार-नेपाल सीमा) पहुंची और वहां से 10 आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों को राहधारी रिमांड पर पलवल लाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के 6, पश्चिम बंगाल के 2, नेपाल का 1 और मध्य प्रदेश का 1 आरोपी शामिल है। इनके नाम हैं – यश परिहार (जोधपुर), विजय उपाध्याय (कंचनपुर, नेपाल), सोजस नाथ (नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल), रवि सिंह (बिकानेर), भागचंद (जोधपुर), गजेन्द्र सिंह सैनी (जोधपुर), जिरनजीत दास (नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल), नरेन्द्र सिंह (गंगानगर), पंकज देवड़ा (जोधपुर) और रोहित भार्गव (देवास, मध्य प्रदेश)।
देशभर में 100 से अधिक केसों से जुड़ा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इन आरोपियों के मोबाइल और बैंक दस्तावेजों की जांच में यह बात सामने आई कि देशभर से 100 से अधिक शिकायतें इनसे जुड़ी हुई हैं। ठगी की राशि करोड़ों रुपये तक पहुंचा गई है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के बयान
एसपी वरुण सिंगला - यह कार्रवाई तकनीक और टीमवर्क का नतीजा है। साइबर अपराध हमारी प्राथमिकता है और हम अपराधियों को बेनकाब करते रहेंगे।
साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार