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निकिता हत्याकांड: महापंचायत के दौरान भीड़ उग्र, राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम, पथराव-लाठीचार्ज
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बल्लभगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करते लोग ।
- फोटो : Faridabad
बल्लभगढ़। निकिता तोमर हत्याकांड को लेकर दशहरा मैदान में रविवार को हुई 36 बिरादरियों की महापंचायत के दौरान भीड़ उग्र हो गई। महापंचायत शुरू होते ही कुछ लोग नारेबाजी करते हुए उठ खड़े हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचकर जाम लगा दिया। गुस्साई भीड़ ने किनारे पड़ा घासफूस सड़क के बीच में डाला और आग लगा दी। एक ढाबे में तोड़फोड़ के बाद बवाल बढ़ गया। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पूरे प्रकरण में 10 पुलिसकर्मियों सहित 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस ने 30 लोगों को हिरासत में लिया है।
इससे पूर्व, महापंचायत के दौरान सुबह करीब 12 बजे विभिन्न दलों के नेताओं की भाषणबाजी से परेशान होकर कुछ युवा हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि निकिता को न्याय दिलाने की बात करके उन्हें यहां लगाया गया था, जबकि अब लोग अपनी राजनीति चमका रहे हैं। युवकों ने आवाज लगाई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ चल पड़ी। लोग हाईवे के बल्लभगढ़ फ्लाईओवर पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान वहां से गुजरते वाहनों को रोककर जाम लगा दिया और सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिसकर्मी कुछ न कर सके। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में घास-फूस डालकर उसमें आग लगाई और नारेबाजी करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई और लोगों को हटाना शुरू किया गया।
पुलिस लोगों को एक साइड से हटकर दूसरी तरफ भेजना चाहती थी। इसके लिए धीरे-धीरे लोगों को सब्जी मंडी के कट तक ले जाना शुरू किया। यहां अज्जी कॉलोनी स्थित बिरयानी की एक दुकान व मुस्लिम ढाबे का बोर्ड देखते ही भीड़ भड़क गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे आए तो लोगों ने उलझना शुरू कर दिया। इसके बाद ज्यादा पुलिसकर्मी हाईवे की रेलिंग को पार करके ढाबे की तरफ गए, लेकिन तब तक लोगों ने ढाबे के बोर्ड और काउंटर तोड़ डाले थे।
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हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसमें कई लोग घायल हो गए तो वे भड़क गए और कॉलोनी की गलियों से पथराव शुरू कर दिया। इससे हाईवे के किनारे खड़ी गाड़ियां व दुपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पथराव के बीच फंसे पुलिसकर्मियों ने भागकर जान बचाई। इनके बाद गुस्साए लोग पथराव करते हुए बल्लभगढ़ फ्लाईओवर तक पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस प्रवक्ता एसीपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि पथराव में एक पत्रकार, 10 पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं।
निकिता को शहीद का दर्जा दिलाने का निर्णय
सर्व समाज की पंचायत के दौरान निकिता को शहीद का दर्जा दिलाने, उसके परिजनों को मुआवजा देने, उन्हें पुलिस की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांगें की गई हैं। निकिता को श्रद्धांजलि देने के लिए 8 नवंबर को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
हिरासत में लिए गए कई युवक बाहरी
पथराव और हंगामे के आरोप मेें हिरासत में लिए गए 30 में से करीब 12 युवक गैरराज्यों और जनपदों से संबंधित हैं। पुलिस को आशंका है कि ये पहले से ही पंचायत के दौरान बवाल करने के लिए साजिश के तहत बल्लभगढ़ पहुंचे थे।
उग्र युवकों के पथराव के कारण 10 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। इस मामले में करीब 30 युवकों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से कई गुरुग्राम, मेवात, यूपी के नोएडा और दिल्ली के हैं। हालात पर तत्काल काबू पा लिया गया था।
ओपी सिंह, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद।
हर किसी को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था को किसी को हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। ऐसा करने वालों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।
- मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।
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इससे पूर्व, महापंचायत के दौरान सुबह करीब 12 बजे विभिन्न दलों के नेताओं की भाषणबाजी से परेशान होकर कुछ युवा हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि निकिता को न्याय दिलाने की बात करके उन्हें यहां लगाया गया था, जबकि अब लोग अपनी राजनीति चमका रहे हैं। युवकों ने आवाज लगाई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ चल पड़ी। लोग हाईवे के बल्लभगढ़ फ्लाईओवर पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान वहां से गुजरते वाहनों को रोककर जाम लगा दिया और सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिसकर्मी कुछ न कर सके। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में घास-फूस डालकर उसमें आग लगाई और नारेबाजी करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई और लोगों को हटाना शुरू किया गया।
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पुलिस लोगों को एक साइड से हटकर दूसरी तरफ भेजना चाहती थी। इसके लिए धीरे-धीरे लोगों को सब्जी मंडी के कट तक ले जाना शुरू किया। यहां अज्जी कॉलोनी स्थित बिरयानी की एक दुकान व मुस्लिम ढाबे का बोर्ड देखते ही भीड़ भड़क गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे आए तो लोगों ने उलझना शुरू कर दिया। इसके बाद ज्यादा पुलिसकर्मी हाईवे की रेलिंग को पार करके ढाबे की तरफ गए, लेकिन तब तक लोगों ने ढाबे के बोर्ड और काउंटर तोड़ डाले थे।
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हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसमें कई लोग घायल हो गए तो वे भड़क गए और कॉलोनी की गलियों से पथराव शुरू कर दिया। इससे हाईवे के किनारे खड़ी गाड़ियां व दुपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पथराव के बीच फंसे पुलिसकर्मियों ने भागकर जान बचाई। इनके बाद गुस्साए लोग पथराव करते हुए बल्लभगढ़ फ्लाईओवर तक पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस प्रवक्ता एसीपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि पथराव में एक पत्रकार, 10 पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं।
निकिता को शहीद का दर्जा दिलाने का निर्णय
सर्व समाज की पंचायत के दौरान निकिता को शहीद का दर्जा दिलाने, उसके परिजनों को मुआवजा देने, उन्हें पुलिस की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांगें की गई हैं। निकिता को श्रद्धांजलि देने के लिए 8 नवंबर को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
हिरासत में लिए गए कई युवक बाहरी
पथराव और हंगामे के आरोप मेें हिरासत में लिए गए 30 में से करीब 12 युवक गैरराज्यों और जनपदों से संबंधित हैं। पुलिस को आशंका है कि ये पहले से ही पंचायत के दौरान बवाल करने के लिए साजिश के तहत बल्लभगढ़ पहुंचे थे।
उग्र युवकों के पथराव के कारण 10 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। इस मामले में करीब 30 युवकों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से कई गुरुग्राम, मेवात, यूपी के नोएडा और दिल्ली के हैं। हालात पर तत्काल काबू पा लिया गया था।
ओपी सिंह, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद।
हर किसी को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था को किसी को हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। ऐसा करने वालों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।
- मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।