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फसल खराब, सरकार के आदेश का इंतजार
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फरीदाबाद। रविवार को तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से किसानों की धान की फसल भीग गई। कई किसानों की फसल गिर गई है। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं बारिश के चार दिन बाद भी सरकार और प्रशासन द्वारा गिरदावरी न कराने से नींद से नहीं जागा है। इससे बेहद किसान चिंतित है। उन्हें डर है कि यदि खराब हुई फसल का बाजार भाव नहीं मिला तो उनके लिए मरना-जीना एक समान हो जाएगा।
खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई। जिन किसानों की सफल कटी भी थी वह भी खराब हो गई। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल के खराब होने से भारी नुकसान है। किसान सौरभ और सतेंद्र ने कहा कि बारिश के बाद जहां सरकार और प्रशासन को सर्वे कराना चाहिए था। वह चार दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ। वहीं अधिकारी अगली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन के इस उदासीनपूर्ण रवैये का किसानों ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया हैं। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि किसान पहले से मौसम की मार झेलता चला आ रहा है। इसलिए सरकार अब उन्हें मुआवजा दें। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन कराने की बजाये सरकार और प्रशासन के आदेश की बात कह रहा है। अधिकारियों ने कहा कि आपदा में विशेष गिरदावरी का काम सरकार और उपायुक्त के आदेश पर किया जाता है।
फसल की गिरदावरी दो तरीके से कराई जाती है। एक जब किसान खेतों में फसल बोता है और दूसरी तब जब कोई आपदा में फसल खराब हो जाती है। किसान जब फसल खेतों में बोता है तो उसकी गिरदावरी कृषि विभाग करता है। विशेष गिरदावरी उपायुक्त या सरकार के आदेश पर की जाती है। इसे लेकर अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
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- डॉ. महावीर, उप निदेशक कृषि विभाग
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कुछ किसानों की बारिश से फसल खराब होने की शिकायत मिली है। विधायक नैनपाल रावत ने भी गिरदावरी के लिए कहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए है। सर्वे के आधार पर आगे मुआवजा तय किया जाएगा।
- जितेंद्र यादव, उपायुक्त, फरीदाबाद
रविवार को आई बारिश के कारण उनके खेत में पानी भर गया। इससे उनकी धान की फसल खराब हो गई। इसमें कुछ धान की फसल कटी हुई थी और कुछ फसल खड़ी थी। फसल खराब होने से करीब एक लाख रुपये का नुकसान है। यदि सरकारी मदद मिल जाए, तो काफी हद तक राहत रहेगी। - जयचंद, किसान
तेज हवा के कारण धान की सफल पूरी बिछ गई है। इसे काटने में भी परेशानी होगी और बारिश के कारण गिला हुआ धान अब किसी काम का नहीं रहा। यदि इस धान का बाजार में बेचेंगे तो पूरा मोल भी नहीं मिलेगा। इसलिए प्रशासन को सर्वे करवा कर किसानों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। - पंकज, किसान
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खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई। जिन किसानों की सफल कटी भी थी वह भी खराब हो गई। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल के खराब होने से भारी नुकसान है। किसान सौरभ और सतेंद्र ने कहा कि बारिश के बाद जहां सरकार और प्रशासन को सर्वे कराना चाहिए था। वह चार दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ। वहीं अधिकारी अगली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन के इस उदासीनपूर्ण रवैये का किसानों ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया हैं। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि किसान पहले से मौसम की मार झेलता चला आ रहा है। इसलिए सरकार अब उन्हें मुआवजा दें। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन कराने की बजाये सरकार और प्रशासन के आदेश की बात कह रहा है। अधिकारियों ने कहा कि आपदा में विशेष गिरदावरी का काम सरकार और उपायुक्त के आदेश पर किया जाता है।
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फसल की गिरदावरी दो तरीके से कराई जाती है। एक जब किसान खेतों में फसल बोता है और दूसरी तब जब कोई आपदा में फसल खराब हो जाती है। किसान जब फसल खेतों में बोता है तो उसकी गिरदावरी कृषि विभाग करता है। विशेष गिरदावरी उपायुक्त या सरकार के आदेश पर की जाती है। इसे लेकर अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
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- डॉ. महावीर, उप निदेशक कृषि विभाग
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कुछ किसानों की बारिश से फसल खराब होने की शिकायत मिली है। विधायक नैनपाल रावत ने भी गिरदावरी के लिए कहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए है। सर्वे के आधार पर आगे मुआवजा तय किया जाएगा।
- जितेंद्र यादव, उपायुक्त, फरीदाबाद
रविवार को आई बारिश के कारण उनके खेत में पानी भर गया। इससे उनकी धान की फसल खराब हो गई। इसमें कुछ धान की फसल कटी हुई थी और कुछ फसल खड़ी थी। फसल खराब होने से करीब एक लाख रुपये का नुकसान है। यदि सरकारी मदद मिल जाए, तो काफी हद तक राहत रहेगी। - जयचंद, किसान
तेज हवा के कारण धान की सफल पूरी बिछ गई है। इसे काटने में भी परेशानी होगी और बारिश के कारण गिला हुआ धान अब किसी काम का नहीं रहा। यदि इस धान का बाजार में बेचेंगे तो पूरा मोल भी नहीं मिलेगा। इसलिए प्रशासन को सर्वे करवा कर किसानों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। - पंकज, किसान