अमित ने माना उस रात दोनों में हुआ था झगड़ा, तैश में आकर पूजा ने लगाई थी छलांग
- इंस्पेक्टर अमित की रिमांड खत्म
- 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल
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पत्रकार पूजा की मौत के मामले में आत्महत्या को उकसाने के आरोप में पकड़े गए इंस्पेक्टर अमित ने माना कि उस उस रात दोनों के बीच झगड़ा हो रहा था और तैश में आकर पूजा ने छलांग लगा दी। मंगलवार को पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश किए गए रिमांड पेपर में यह बात सामने आई।
चार दिन की रिमांड पर पुलिस उससे सिर्फ इतना ही कुबूल करवा सकी। पुलिस ने अमित की ओर रिमांड नहीं मांगी तो सीजेएम तरुण सिंघल ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस पूछताछ में अमित ने बताया कि पूजा से उसकी जान पहचान पांच साल पहले हुई थी।
एनआईटी स्थित घर और सद्भावना अपार्टमेंट में दोनों साथ साथ ही रहते थे
दोनों आपस में काफी घुल मिल गए थे। एनआईटी स्थित घर और सद्भावना अपार्टमेंट में दोनों साथ साथ ही रहते थे, दोनों के बीच अक्सर ही मोबाइल पर बातचीत होती थी। वह कई बार पूजा के इंदौर स्थित गांव भी गया है।
एक मई की रात करीब आठ बजे वह पूजा से मिलने सद्भावना अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर गया था लेकिन कुछ देर रुक कर दोस्तों से मिलने चला गया था। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे फ्लैट पर वापस लौटा। वहां से अपार्टमेंट के फ्लैट में टहलने आ गया इस दौरान वहां पूजा भी आ गई।
पूजा ने तैश में आकर बालकॅनी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली
यहां दोनों के बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। झगड़ा होने के बाद दोनों फ्लैट में आ गए। फ्लैट में पूजा की दोस्त अमरीन भी मौजूद थी। दो मई की रात करीब सवा एक बजे अमरीन खान अपने कमरे में सोने चली गई और पूजा के साथ उसका झगड़ा हो गया। पूजा ने तैश में आकर बालकॅनी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
अमित ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके पास पूजा के लैपटॉप और मोबाइल फोन हैं, पूजा इनसे अपने रिश्तेदारों आदि को मेल वगैरह करती थी, इन्हें वह पंचकूला से बरामद करा सकता है। पुलिस ने अमित की रिमांड न मांग कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग की जिसे सीजेएम तरुण सिंघल ने अनुमति दे दी।
डॉक्टर दंपति के वकील रहे सक्रिय
डॉक्टर दंपति के वकील रहे सक्रिय
इंस्पेक्टर अमित को कोर्ट में पेश करते समय डॉक्टर दंपति के वकील भी सक्रिय रहे। पुलिस ने अमित को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग की तो डॉक्टर के वकील सतेंद्र भड़ाना ने रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के दस्तावेजों के बारे में जज से अर्जी लगाई।
उन्होंने मांग की कि अभी तक जांच के जो भी दस्तावेज पुलिस ने तैयार किए हैं सीजेएम उनपर हस्ताक्षर कर उन्हें वेरिफाई करें ताकि बाद में दस्तावेजों में हेराफेरी न हो। पुलिस और अमित के वकीलों ने इस पर आपत्ति की लेकिन जज ने स्वीकार करते हुए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
हालात ने अमित को बनाया आरोपी
पूजा के परिजनों ने डॉक्टर दंपति के खिलाफ आत्महत्या करने को उकसाने का केस दर्ज कराया है, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है लेकिन घटना के समय के हालात ने अमित को भी आरोपी बना दिया। पुलिस को दिए बयान में अमित ने खुद माना है कि अमरीन के कमरे में जाने के बाद पूजा और उसमें झगड़ा हुआ और तैश में आकर उसने छलांग लगा दी।
घटना से कुछ समय पहले पूजा के दोस्त भरत से हुई बातचीत का ऑडियो क्लिप भी उस रात दोनों के बीच झगड़ा होने की पुष्टि कर रहा है, पुलिस ने इन दोनों बातों का आधार बनाकर अमित के खिलाफ भी आत्महत्या को उकसाने का केस दर्ज किया।