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लमपुर ग्राम पंचायत की सरपंच निलंबित
Updated Tue, 13 Mar 2018 08:27 PM IST
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फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर जीती
थीं सरपंच का चुुनाव, निलंबित
- आलमपुर ग्राम पंचायत की सरपंच का
मामला, जांच में सामने आई सच्चाई
- जिला उपायुक्त ने छीने अधिकार, बहुमत के
पंच के हाथ सौंपी ग्राम पंचायत की बागडोर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगा आलमपुर ग्राम पंचायत का चुनाव जीतकर सरपंच बनीं खालिदा बानो को निलंबित करते हुए जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने उनके सारे अधिकार छीन लिए। डीसी ने सरपंच के अधिकार और शक्तियां ग्राम पंचायत में बहुमत के पंच को देने के आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश में अक्तूबर-नवंबर 2016 में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव में आलमपुर ग्राम पंचायत से खालिदा बानो ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने नामांकन फार्म में जन्मतिथि 08-08-1994 दर्ज की थी, प्रमाण के रूप में नगर निगम फरीदाबाद से जारी जन्म प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि लगाई गई थी। चुनाव के दौरान ही उनकी उम्र का विवाद उठा था लेकिन प्रमाण नहीं होने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई। खालिदा बानो सरपंच चुन ली गईं। गांव के चौधरी आजाद ने खालिदा के जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए जिला उपायुक्त को शिकायत दे कर जांच कराने की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने खालिदा बानो की दसवीं कक्षा की मार्कशीट प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की थी, इसमें जन्म तिथि 28-02-1996 दर्शाई गई थी। जिला उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। नगर निगम अधिकारियों ने खालिदा बानो के जन्म प्रमाण पत्र की सत्यता संदिग्ध घोषित कर रिपोर्ट भेजी थी। जिला शिक्षा अधिकारी से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर डीसी ने सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए 17 नवंबर 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 5 मार्च 2018 को खालिदा बानो उपायुक्त कोर्ट में खुद उपस्थित हुईं लेकिन अपने बचाव में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। दोनों प्रमाण-पत्रों में जन्म तिथि में 18 माह 20 दिन का अंतर पाया गया। सोमवार शाम जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने खालिदा बानो की शक्तियां छीनते हुए ग्राम सरपंच पद से निलंबित कर दिया और पंचायत की आईंदा होने वाली किसी भी बैठक में शामिल होने से रोकने के आदेश जारी किए। जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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थीं सरपंच का चुुनाव, निलंबित
- आलमपुर ग्राम पंचायत की सरपंच का
मामला, जांच में सामने आई सच्चाई
- जिला उपायुक्त ने छीने अधिकार, बहुमत के
पंच के हाथ सौंपी ग्राम पंचायत की बागडोर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगा आलमपुर ग्राम पंचायत का चुनाव जीतकर सरपंच बनीं खालिदा बानो को निलंबित करते हुए जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने उनके सारे अधिकार छीन लिए। डीसी ने सरपंच के अधिकार और शक्तियां ग्राम पंचायत में बहुमत के पंच को देने के आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश में अक्तूबर-नवंबर 2016 में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव में आलमपुर ग्राम पंचायत से खालिदा बानो ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने नामांकन फार्म में जन्मतिथि 08-08-1994 दर्ज की थी, प्रमाण के रूप में नगर निगम फरीदाबाद से जारी जन्म प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि लगाई गई थी। चुनाव के दौरान ही उनकी उम्र का विवाद उठा था लेकिन प्रमाण नहीं होने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई। खालिदा बानो सरपंच चुन ली गईं। गांव के चौधरी आजाद ने खालिदा के जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए जिला उपायुक्त को शिकायत दे कर जांच कराने की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने खालिदा बानो की दसवीं कक्षा की मार्कशीट प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की थी, इसमें जन्म तिथि 28-02-1996 दर्शाई गई थी। जिला उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। नगर निगम अधिकारियों ने खालिदा बानो के जन्म प्रमाण पत्र की सत्यता संदिग्ध घोषित कर रिपोर्ट भेजी थी। जिला शिक्षा अधिकारी से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर डीसी ने सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए 17 नवंबर 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 5 मार्च 2018 को खालिदा बानो उपायुक्त कोर्ट में खुद उपस्थित हुईं लेकिन अपने बचाव में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। दोनों प्रमाण-पत्रों में जन्म तिथि में 18 माह 20 दिन का अंतर पाया गया। सोमवार शाम जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने खालिदा बानो की शक्तियां छीनते हुए ग्राम सरपंच पद से निलंबित कर दिया और पंचायत की आईंदा होने वाली किसी भी बैठक में शामिल होने से रोकने के आदेश जारी किए। जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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