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सामूहिक दुष्कर्म मामला : छेड़छाड़ के मामले में पहले भी पकड़ा जा चुका है सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी
Updated Tue, 04 Dec 2018 06:55 PM IST
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छेड़छाड़ के मामले में पहले भी पकड़ा जा चुका है आरोपी अंकित
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी थाना क्षेत्र में 13 साल की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी अंकित उर्फ भूत पहले भी लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में पकड़ा जा चुका है। पुलिस रिमांड के दौरान अंकित ने पुलिस को कई बार बरगलाने की कोशिश की और उन लोगों के नाम बता दिए, जिन्होंने उसे पहले पकड़वाया था। 19 वर्षीय आरोपी अंकित दुर्दांत अपराधियों की तरह बर्ताव कर रहा है और आसानी से कुछ नहीं बता रहा है।
किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी अंकित को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर अदालत से पांच दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने उससे वारदात में शामिल अन्य साथियों के बारे में पूछा तो उसने पुलिस को बरगलाने के लिए गलत लोगों के नाम बता दिए।
सबक सिखाने को लिए गलत नाम
जब पुलिस ने उससे सख्ती की तो उसने बताया कि इन लोगों ने उसे पहले छेड़छाड़ के मामले में पकड़वाया था। इसलिए उन्हें सबक सिखाने के लिए इनके नाम लिए। अंकित ने पुलिस को बताया कि 11 नवंबर की रात हरीभगत किशोरी को उसके घर से लेकर आया था। उसके बाद वह ऑटो में बैठाकर उसे पास के ही एक गांव के सरकारी स्कूल के पीछे खेतों में ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात में हरीभगत का एक रिश्तेदार भी शामिल था। पुलिस उसे पकड़े के लिए उसके घर पहुंची थी, मगर वह चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। वारदात के समय ऑटो चला रहे युवक ने अपने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। ऐसे में उसके बारे में अंकित को पता नहीं है।
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कैंटर चालक की सूझबूझ से बची थी किशोरी
अंकित ने पुलिस को बताया कि 11 नवंबर को किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद जब आरोपी उसे ऑटो में लेकर वापस आ रहे थे तो रास्ते में एक कैंटर चालक को देखकर किशोरी चिल्ला पड़ी थी। चालक ने ऑटो रोकने के लिए कैंटर उनके ऑटो के आगे लगा दिया। इस पर वे किशोरी को वहीं छोड़कर ऑटो वापस मोड़ फरार हो गए थे। कैंटर चालक किशोरी को अपने घर लेकर गया और उसके पिता को फोन किया। इसके बाद वे उसे अपने साथ लेकर लौट गए। उन्होंने बदनामी के डर से इसकी पुलिस शिकायत नहीं की।
हरीभगत की तलाश में रिश्तेदारों के घर छापेमारी
इस घटना के बाद से मुख्य आरोपी हरीभगत फरार है। उसका मोबाइल फोन भी तभी से बंद है। उसकी तलाश में पुलिस ने हरीभगत के रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी। मगर सभी ने उसके परिवार से संबंध नहीं होने की बात कही। इसके चलते ही हरीभगत अपने रिश्तेदारों के घर नहीं गया। पुलिस ने उसके ससुराल वालों से भी पूछताछ की, मगर उन्होंने भी उसके बारे में कोई जानकारी होने से इंकार किया है। क्राइम ब्रांच की तीन टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रहीं हैं।
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फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी थाना क्षेत्र में 13 साल की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी अंकित उर्फ भूत पहले भी लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में पकड़ा जा चुका है। पुलिस रिमांड के दौरान अंकित ने पुलिस को कई बार बरगलाने की कोशिश की और उन लोगों के नाम बता दिए, जिन्होंने उसे पहले पकड़वाया था। 19 वर्षीय आरोपी अंकित दुर्दांत अपराधियों की तरह बर्ताव कर रहा है और आसानी से कुछ नहीं बता रहा है।
किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी अंकित को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर अदालत से पांच दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने उससे वारदात में शामिल अन्य साथियों के बारे में पूछा तो उसने पुलिस को बरगलाने के लिए गलत लोगों के नाम बता दिए।
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सबक सिखाने को लिए गलत नाम
जब पुलिस ने उससे सख्ती की तो उसने बताया कि इन लोगों ने उसे पहले छेड़छाड़ के मामले में पकड़वाया था। इसलिए उन्हें सबक सिखाने के लिए इनके नाम लिए। अंकित ने पुलिस को बताया कि 11 नवंबर की रात हरीभगत किशोरी को उसके घर से लेकर आया था। उसके बाद वह ऑटो में बैठाकर उसे पास के ही एक गांव के सरकारी स्कूल के पीछे खेतों में ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात में हरीभगत का एक रिश्तेदार भी शामिल था। पुलिस उसे पकड़े के लिए उसके घर पहुंची थी, मगर वह चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। वारदात के समय ऑटो चला रहे युवक ने अपने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। ऐसे में उसके बारे में अंकित को पता नहीं है।
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कैंटर चालक की सूझबूझ से बची थी किशोरी
अंकित ने पुलिस को बताया कि 11 नवंबर को किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद जब आरोपी उसे ऑटो में लेकर वापस आ रहे थे तो रास्ते में एक कैंटर चालक को देखकर किशोरी चिल्ला पड़ी थी। चालक ने ऑटो रोकने के लिए कैंटर उनके ऑटो के आगे लगा दिया। इस पर वे किशोरी को वहीं छोड़कर ऑटो वापस मोड़ फरार हो गए थे। कैंटर चालक किशोरी को अपने घर लेकर गया और उसके पिता को फोन किया। इसके बाद वे उसे अपने साथ लेकर लौट गए। उन्होंने बदनामी के डर से इसकी पुलिस शिकायत नहीं की।
हरीभगत की तलाश में रिश्तेदारों के घर छापेमारी
इस घटना के बाद से मुख्य आरोपी हरीभगत फरार है। उसका मोबाइल फोन भी तभी से बंद है। उसकी तलाश में पुलिस ने हरीभगत के रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी। मगर सभी ने उसके परिवार से संबंध नहीं होने की बात कही। इसके चलते ही हरीभगत अपने रिश्तेदारों के घर नहीं गया। पुलिस ने उसके ससुराल वालों से भी पूछताछ की, मगर उन्होंने भी उसके बारे में कोई जानकारी होने से इंकार किया है। क्राइम ब्रांच की तीन टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रहीं हैं।