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एसआरएस के खिलाफ निवेशकों ने पुलिस आयुक्त को सौंपी 54 और शिकायतें
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:15 PM IST
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एसआरएस के खिलाफ 54 नई शिकायतें
फरीदाबाद। एसआरएस ग्रुप के खिलाफ एकजुट हुए निवेशक बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर ग्रुप के खिलाफ 54 और शिकायतें सौंपी। इससे पहले भी निवेशक पुलिस आयुक्त को 60 शिकायतें दे चुके हैं, जिनमें से 20 पर मामला दर्ज हो चुका है, जबकि 40 पर अभी भी पुलिस जांच चल रही है। इनके अलावा 20 किसानों ने भी आर्थिक अपराध जांच शाखा में शिकायत देकर एसआरएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने अपनी जमीन बेचकर एसआरएस में निवेश किया था। एसआरएस पीड़ित मंच आरोपी अनिल जिंदल तथा ग्रुप के निदेशकों की गिरफ्तारी की मांग भी की। पुलिस आयुक्त ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि जांच के बाद सभी पर कार्रवाई होगी।
एसआरएस पीड़ित मंच के संयोजक व शिकायतकर्ता जनकराज गुप्ता के अनुसार 2012 में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक प्रतीक जिंदल, विनोद गर्ग, बिशन बंसल, नानक तायल, पीके कपूर, जेके गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों से उनके प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए कहा था। आरोपियों ने झांसा दिया था कि निवेश के बदले फ्लैट दिए जाएंगे। इससे लाखों का फायदा होगा। इसके बाद लोगों ने निवेश करना शुरु कर दिया। इस दौरान लोगों को 1
से 1.5 प्रतिशत के हिसाब से उनके रुपयों का ब्याज भी दिया गया। मगर करीब तीन साल पहले जब लोगों को ब्याज मिलना बंद हो गया तो उन्हें गड़बड़ी की आशंका हुई, तभी से लोगों ने पैसे जमा करने बंद कर दिए और इनके खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इससे परेशान अनिल जिंदल व विनोद गर्ग सहित अन्य निदेशकों ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही लोगों के रुपये लौटा दिए जाएंगे। उन्होंने सेक्टर-31 स्थित एसआरएस टावर में बुलाकर लोगों को चेक भी दिए। मगर जब वह चेक बैंक में डाले गए तो वह बाउंस हो गए।
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इस पर एसआरएस ग्रुप के खिलाफ एकजुट हुए निवेशकों ने अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के खिलाफ पुलिस को 60 शिकायत दी। इनमें से 20 मामले इस माह के पहले सप्ताह में दर्ज किए गए और फिर नौ मार्च को पुलिस अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के घर व दफ्तरों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस ने वहां से काफी दस्तावेज जब्त किए थे। अब इनकी जांच टैक्स विभाग के अधिकारियों से करवाई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद से अनिल जिंदल व बाकी निदेशक भूमिगत हैं। पुलिस उनकी तलाश भी कर रही है।
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फरीदाबाद। एसआरएस ग्रुप के खिलाफ एकजुट हुए निवेशक बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर ग्रुप के खिलाफ 54 और शिकायतें सौंपी। इससे पहले भी निवेशक पुलिस आयुक्त को 60 शिकायतें दे चुके हैं, जिनमें से 20 पर मामला दर्ज हो चुका है, जबकि 40 पर अभी भी पुलिस जांच चल रही है। इनके अलावा 20 किसानों ने भी आर्थिक अपराध जांच शाखा में शिकायत देकर एसआरएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने अपनी जमीन बेचकर एसआरएस में निवेश किया था। एसआरएस पीड़ित मंच आरोपी अनिल जिंदल तथा ग्रुप के निदेशकों की गिरफ्तारी की मांग भी की। पुलिस आयुक्त ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि जांच के बाद सभी पर कार्रवाई होगी।
एसआरएस पीड़ित मंच के संयोजक व शिकायतकर्ता जनकराज गुप्ता के अनुसार 2012 में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक प्रतीक जिंदल, विनोद गर्ग, बिशन बंसल, नानक तायल, पीके कपूर, जेके गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों से उनके प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए कहा था। आरोपियों ने झांसा दिया था कि निवेश के बदले फ्लैट दिए जाएंगे। इससे लाखों का फायदा होगा। इसके बाद लोगों ने निवेश करना शुरु कर दिया। इस दौरान लोगों को 1
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से 1.5 प्रतिशत के हिसाब से उनके रुपयों का ब्याज भी दिया गया। मगर करीब तीन साल पहले जब लोगों को ब्याज मिलना बंद हो गया तो उन्हें गड़बड़ी की आशंका हुई, तभी से लोगों ने पैसे जमा करने बंद कर दिए और इनके खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इससे परेशान अनिल जिंदल व विनोद गर्ग सहित अन्य निदेशकों ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही लोगों के रुपये लौटा दिए जाएंगे। उन्होंने सेक्टर-31 स्थित एसआरएस टावर में बुलाकर लोगों को चेक भी दिए। मगर जब वह चेक बैंक में डाले गए तो वह बाउंस हो गए।
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इस पर एसआरएस ग्रुप के खिलाफ एकजुट हुए निवेशकों ने अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के खिलाफ पुलिस को 60 शिकायत दी। इनमें से 20 मामले इस माह के पहले सप्ताह में दर्ज किए गए और फिर नौ मार्च को पुलिस अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के घर व दफ्तरों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस ने वहां से काफी दस्तावेज जब्त किए थे। अब इनकी जांच टैक्स विभाग के अधिकारियों से करवाई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद से अनिल जिंदल व बाकी निदेशक भूमिगत हैं। पुलिस उनकी तलाश भी कर रही है।