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नगर निगम के पूर्व संयुक्त आयुक्त सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज

Fri, 13 Apr 2018 10:56 PM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:56 PM IST
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नगर निगम के पूर्व संयुक्त आयुक्त सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज

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नगर निगम के पूर्व संयुक्त आयुक्त सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज
फरीदाबाद। डेयरी प्रोजेक्ट के दुग्ध उत्पादकों को आवंटित किए जाने वाले प्लॉट को मातहत महिला लिपिक सुनीता डागर को कौड़ियों के दाम में आवंटित करने के मामले में पूर्व संयुक्त आयुक्त सतीश पाराशर के खिलाफ न्यायालय ने केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद की शिकायत पर जेएमआईसी हिमानी गिल ने सतीश पाराशर, महिला लिपिक सुनीता डागर और कर्मचारी हितेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच करने के आदेश जारी किए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद के अनुसार वर्ष 2012-13 में नगर निगम ने ओल्ड फरीदाबाद में शहरी क्षेत्र में चल रही डेयरियों को हटा कर एक जगह स्थापित करने की स्कीम बनाई थी। इसके तहत डेयरियों को बसेलवा कॉलोनी में प्लॉट आवंटित किए गए थे। उनका आरोप है कि उस समय ओल्ड फरीदाबाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सतीश पाराशर ने गलत तरीके से फर्जी जीपीए पर डेयरी का एक प्लॉट निगम की महिला लिपिक सुनीता डागर को आवंटित कर दिया था। सुनीता को यह प्लॉट मात्र 600 रुपये प्रति वर्ग गज की दर पर दिया गया था जबकि उस समय इसकी कीमत 35 हजार से 40 हजार रुपये प्रति वर्गगज थी। यानी एक करोड़ रुपये से अधिक की जमीन मात्र डेढ़ लाख रुपये में दे दी गई। वरुण श्योकंद का कहना है कि इस हेराफेरी के बारे में सदन में पार्षदों ने भी कई बार प्रश्न किए, जांच के आदेश भी हुए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधीश हिमानी गिल की अदालत में वरुण के वकील ने दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत कर धोखाधड़ी की जांच कराने की मांग की। एसएचओ सेंट्रल थाना इंस्पेक्टर राजदीप ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी।
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गलत सीएलयू देने के मामले में निलंबित हैं सतीश पाराशर
सतीश पाराशर के खिलाफ महिला क्लर्क को गलत ढंग से प्लॉट आवंटित करने का ही आरोप नहीं है। बाटा चौक स्थित प्लॉट नंबर 49 में गलत ढंग से सीएलयू देने के मामले में हाल ही में उन्हें निलंबित किया गया है। गलत ढंग से जारी की गई सीएलयू को हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार को रद्द करना पड़ा था।
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