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लिफ्ट देकर लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाश काबू
Updated Tue, 24 Jul 2018 06:04 PM IST
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लिफ्ट देकर लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाश गिरफ्तार
फरीदाबाद। लोगों को लिफ्ट देकर लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाशों को क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 150 वारदात करनी कबूल की हैं, जिसमें बल्लभगढ़ व फरीदाबाद में 30 से 40 वारदात हैं। पुलिस ने इनसे वारदात में प्रयोग होने वाली एक कार व साढ़े छह हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने संबंधित जिलों की पुलिस को भी इनकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। वे इन्हें अब प्रोडक्शन वारंट पर लेंगे।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने एक सूचना के आधार पर फतेहपुर बेरी, दिल्ली निवासी सुरेंद्र, सोहन पाल व गांव सिवानी, गाजियाबाद निवासी आशीष शर्मा को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने हाल ही में बल्लभगढ़ बस स्टैंड से एक व्यक्ति को लिफ्ट देकर उससे रुपये छीन लिए थे और फरार हो गए थे। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो तीनों ने बल्लभगढ़, गुरुग्राम, बदरपुर बार्डर, महरौली के अलावा मथुरा, एटा व कानपुर में भी वारदात करनी कबूल की। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 150 वारदात कबूली हैं।
ऐसे करते थे वारदात
इंस्पेक्टर आनंद के अनुसार, तीनों आरोपी कार लेकर निलते थे और किसी भी बस स्टैंड के पास जाकर खड़े हो जाते थे। इनमें एक गाड़ी का चालक रहता तथा दूसरा सवारी को बुलाकर लाता था, जबकि तीसरा सवारी की तरह गाड़ी में ही बैठा रहता था। थोड़ी दूर चलने पर आरोपी सवारी से कहते कि ये सरकारी गाड़ी है और आगे चेकिंग हो सकती है। ऐसे में वे अपने रुपये व अन्य कीमती सामान एक लिफाफे में रखकर उनके पास रखवा दें ताकि चेकिंग के दौरान वे पकड़े न जाए। थोड़ी आगे जाने पर वे पीड़ित को लिफाफा बदलकर दे देते और गाड़ी से जबरदस्ती उतारकर फरार हो जाते थे।
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चार साल से कर रहे वारदात
पुलिस के अनुसार आरोपी 2015 से वारदात कर रहे हैं। इन्होंने सबसे पहले कानपुर और एटा में वारदात की थी और उसके बाद भागकर यहां आ गए थे। उसके बाद से तीनों एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में ही लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी इससे पहले कभी पकड़े नहीं गए हैं। पुलिस ने संबंधित जिलों की पुलिस को सूचना दे दी है। अब वे भी इन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अपने मामलों में पूछताछ करेंगे।
फरीदाबाद। लोगों को लिफ्ट देकर लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाशों को क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 150 वारदात करनी कबूल की हैं, जिसमें बल्लभगढ़ व फरीदाबाद में 30 से 40 वारदात हैं। पुलिस ने इनसे वारदात में प्रयोग होने वाली एक कार व साढ़े छह हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने संबंधित जिलों की पुलिस को भी इनकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। वे इन्हें अब प्रोडक्शन वारंट पर लेंगे।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने एक सूचना के आधार पर फतेहपुर बेरी, दिल्ली निवासी सुरेंद्र, सोहन पाल व गांव सिवानी, गाजियाबाद निवासी आशीष शर्मा को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने हाल ही में बल्लभगढ़ बस स्टैंड से एक व्यक्ति को लिफ्ट देकर उससे रुपये छीन लिए थे और फरार हो गए थे। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो तीनों ने बल्लभगढ़, गुरुग्राम, बदरपुर बार्डर, महरौली के अलावा मथुरा, एटा व कानपुर में भी वारदात करनी कबूल की। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 150 वारदात कबूली हैं।
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ऐसे करते थे वारदात
इंस्पेक्टर आनंद के अनुसार, तीनों आरोपी कार लेकर निलते थे और किसी भी बस स्टैंड के पास जाकर खड़े हो जाते थे। इनमें एक गाड़ी का चालक रहता तथा दूसरा सवारी को बुलाकर लाता था, जबकि तीसरा सवारी की तरह गाड़ी में ही बैठा रहता था। थोड़ी दूर चलने पर आरोपी सवारी से कहते कि ये सरकारी गाड़ी है और आगे चेकिंग हो सकती है। ऐसे में वे अपने रुपये व अन्य कीमती सामान एक लिफाफे में रखकर उनके पास रखवा दें ताकि चेकिंग के दौरान वे पकड़े न जाए। थोड़ी आगे जाने पर वे पीड़ित को लिफाफा बदलकर दे देते और गाड़ी से जबरदस्ती उतारकर फरार हो जाते थे।
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चार साल से कर रहे वारदात
पुलिस के अनुसार आरोपी 2015 से वारदात कर रहे हैं। इन्होंने सबसे पहले कानपुर और एटा में वारदात की थी और उसके बाद भागकर यहां आ गए थे। उसके बाद से तीनों एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में ही लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी इससे पहले कभी पकड़े नहीं गए हैं। पुलिस ने संबंधित जिलों की पुलिस को सूचना दे दी है। अब वे भी इन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अपने मामलों में पूछताछ करेंगे।