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ग्राम पंचायत खंदावली का सरपंच निलंबित
Updated Sat, 05 May 2018 10:44 PM IST
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ग्राम पंचायत खंदावली का सरपंच निलंबित
फरीदाबाद। महात्मा गांधी ग्राम बस्ती योजना के तहत 39 लाभार्थियों को आवास नहीं देेने पर ग्राम पंचायत खंदावली के सरपंच निसार अहमद को उपायुक्त अतुल कुमार ने निलंबित कर दिया। मामले की जांच एसडीएम बल्लभगढ़ को सौंपी गई है। निसार अहमद को जांच में अपना पक्ष रखने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। उपायुक्त ने बहुमत से चुने गए सरपंच को ग्राम पंचायत की शक्तियां सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
भारत सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना जून 2016 में शुरू की थी। योजना के तहत ग्राम पंचायतों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग आदि के परिवारों को सौ वर्गगज का प्लॉट गिफ्ट डीड किया जाता है। खंदावली गांव में भी इस योजना के तहत परिवारों का चयन प्लॉट देने के लिए किया गया। आरोप है कि सरपंच निसार अहमद ने गांव के 39 लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दिए। इस पर पीड़ितों ने 2017 में उच्च न्यायालय में सिविल वाद दायर किया था। उच्च न्यायालय ने इन सभी लाभार्थियों को 100 वर्ग गज का प्लॉट गिफ्ट डीड करके कब्जा दिलाने का आदेश जिला प्रशासन को जारी किया था। बावजूद इसके सरपंच निसार अहमद ने लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दिए। पीड़ितों ने जनवरी 2018 में उपायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। आरोप था कि ग्राम पंचायत में पर्याप्त जमीन होने के बावजूद सरपंच लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दे रहा। जिला उपायुक्त कार्यालय से 15 मार्च को सरपंच को नोटिस जारी किया गया। सरपंच निसार अहमद ने इसका जवाब 26 मार्च को दिया। 27 अप्रैल को उपायुक्त ने सरपंच से व्यक्तिगत रूप से पक्ष सुना। सुनवाई के बाद सरपंच की गलती साबित हुई कि उसने उच्च न्यायालय और सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश की अवहेलना की। उपायुक्त ने उसे निलंबित कर दिया। उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि निसार अहमद के अधिकार वापस लेकर ग्राम पंचायत खंदावली की चल अचल संपत्ति का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपा गया है। मामले की पूरी जांच एसडीएम बल्लभगढ़ को सौंपी गई है, निसार अहमद जांच में अपना पक्ष रख सकते हैं।
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फरीदाबाद। महात्मा गांधी ग्राम बस्ती योजना के तहत 39 लाभार्थियों को आवास नहीं देेने पर ग्राम पंचायत खंदावली के सरपंच निसार अहमद को उपायुक्त अतुल कुमार ने निलंबित कर दिया। मामले की जांच एसडीएम बल्लभगढ़ को सौंपी गई है। निसार अहमद को जांच में अपना पक्ष रखने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। उपायुक्त ने बहुमत से चुने गए सरपंच को ग्राम पंचायत की शक्तियां सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
भारत सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना जून 2016 में शुरू की थी। योजना के तहत ग्राम पंचायतों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग आदि के परिवारों को सौ वर्गगज का प्लॉट गिफ्ट डीड किया जाता है। खंदावली गांव में भी इस योजना के तहत परिवारों का चयन प्लॉट देने के लिए किया गया। आरोप है कि सरपंच निसार अहमद ने गांव के 39 लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दिए। इस पर पीड़ितों ने 2017 में उच्च न्यायालय में सिविल वाद दायर किया था। उच्च न्यायालय ने इन सभी लाभार्थियों को 100 वर्ग गज का प्लॉट गिफ्ट डीड करके कब्जा दिलाने का आदेश जिला प्रशासन को जारी किया था। बावजूद इसके सरपंच निसार अहमद ने लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दिए। पीड़ितों ने जनवरी 2018 में उपायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। आरोप था कि ग्राम पंचायत में पर्याप्त जमीन होने के बावजूद सरपंच लाभार्थियों को प्लॉट नहीं दे रहा। जिला उपायुक्त कार्यालय से 15 मार्च को सरपंच को नोटिस जारी किया गया। सरपंच निसार अहमद ने इसका जवाब 26 मार्च को दिया। 27 अप्रैल को उपायुक्त ने सरपंच से व्यक्तिगत रूप से पक्ष सुना। सुनवाई के बाद सरपंच की गलती साबित हुई कि उसने उच्च न्यायालय और सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश की अवहेलना की। उपायुक्त ने उसे निलंबित कर दिया। उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि निसार अहमद के अधिकार वापस लेकर ग्राम पंचायत खंदावली की चल अचल संपत्ति का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपा गया है। मामले की पूरी जांच एसडीएम बल्लभगढ़ को सौंपी गई है, निसार अहमद जांच में अपना पक्ष रख सकते हैं।
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