फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   पांच दिन बाद डिलीवरी, अल्ट्रासाउंड होगा एक महीने बाद

पांच दिन बाद डिलीवरी, अल्ट्रासाउंड होगा एक महीने बाद

Thu, 09 Nov 2017 11:10 PM IST
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
पांच दिन बाद डिलीवरी, अल्ट्रासाउंड होगा एक महीने बाद
पांच दिन बाद डिलीवरी, अल्ट्रासाउंड होगा एक महीने बाद
विज्ञापन


फरीदाबाद। एसजीएम नगर निवासी गर्भवती मछला को डिलीवरी की तारीख 15 नवंबर दी गई है। बृहस्पतिवार को जब गर्भवती महिला डॉक्टर के पास जांच के लिए पहुंची तो उसे अल्ट्रासाउंड के लिए 9 दिसंबर की तारीख दी गई। कार्ड पर दी गई तारीख देखकर गर्भवती महिला ही नहीं बल्कि आसपास खड़े मरीज भी भौचक्के रह गए। डिलीवरी के बाद अल्ट्रासाउंड की तारीख दिए जाने से परेशान महिला ने जब आपत्ति जताई तो उसे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने की दलील देकर वापस लौटा दिया गया।
बीके सिविल अस्पताल की लापरवाही का ये पहला मामला नहीं है बल्कि ऐसे कई मरीज हैं जो रोजाना इस तरह की परेशानी का सामना करते हैं। हालांकि, इस मामले में गर्भवती महिला ने अल्ट्रासाउंड विभाग में बैठे स्टाफ को जमकर खरी-खोटी सुनाई। महिला का कहना था कि डिलीवरी हो जाने के बाद अल्ट्रासाउंड की क्या जरूरत रह जाएगी। पहले अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी लाइन में खड़े रहना पड़ा और लंबे इंतजार के बाद बिना सोचे-समझे एक महीने बाद की तारीख दे दी गई। मरीजों को इस तरह परेशान करने से अच्छा तो सीधे ही कह दिया होता कि बाहर से अल्ट्रासाउंड करा लें। बीके सिविल अस्पताल को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का दर्जा मिल चुका है लेकिन इस तरह की लापरवाही मरीजों की परेशानी का सबब बन रही है।
विज्ञापन


कहीं कमीशन का खेल तो नहीं
अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से लिखी जाने वाली जांच के नाम पर कमीशन के खेल की चर्चाएं भी इन दिनों जोरों पर हैं। डॉक्टरों की लिखी जांच या फिर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को अस्पताल की जगह बाहरी लैब व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर निर्भर रहना पड़ता है। अस्पताल का स्टाफ बिना किसी खौफ के मरीजों से इस तरह सलूक करता है कि मरीज निजी केंद्रों पर जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं, क्योंकि शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। बृहस्पतिवार को भी महिला को स्टाफ ने ये कहकर लौटा दिया कि हमारे पास एक महीने से पहले का समय नहीं है, ज्यादा जल्दी है तो अल्ट्रासाउंड बाहर से करा लो।
विज्ञापन
विज्ञापन


मरीजों का ये है दर्द
जवाहर कॉलोनी निवासी गुड़िया देवी का कहना है कि वह गर्भवती हैं और उन्हें पेट दर्द की समस्या बनी हुई है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए एक माह बाद की तारीख दे दी गई है जिससे अब उन्हें निजी अस्पताल में ही जांच करानी पड़ेगी।


नंगला निवासी अनुराधा का कहना का कहना है कि उसे भी पेट दर्द की परेशानी है और अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह की तारीख दे दी गई है। इस अस्पताल में जांच की सुविधा होने का क्या फायदा।

अस्पताल में मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा होती है। इसलिए मरीजों को आगे की तारीख दे दी जाती है। आपातकाल स्थिति होने पर ही जल्दी जांच की जाती है।
- डॉ. राजीव बातिश, पीएमओ, जिला सिविल अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed