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Faridabad News: अरावली पर कोर्ट के आदेश से जगी उम्मीद
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फरीदाबाद के अरावली प्रेमियों ने बताया सकारात्मक कदम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली पर्वतमाला को लेकर अदालत द्वारा अपने पूर्व आदेश को स्थगित करते हुए एक कमेटी गठित करने के निर्णय का फरीदाबाद में अरावली प्रेमियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह फैसला अरावली के संरक्षण की दिशा में अच्छा कदम है।
अरावली प्रेमियों का कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में खनन, अतिक्रमण और अनियंत्रित निर्माण को लेकर चिंता जताई जाती रही है। कोर्ट द्वारा कमेटी गठित करने से अब वैज्ञानिक, कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं पर गहराई से अध्ययन होने की उम्मीद है। अरावली बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि इस कमेटी में पर्यावरण विशेषज्ञों, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके। उनका कहना है कि कोर्ट का यह कदम अरावली संरक्षण को लेकर जारी असमंजस को दूर करेगा और भविष्य में स्पष्ट नीति बनाने का रास्ता खोलेगा।
वर्जन
अरावली के संरक्षण के लिए अभी और सख्त नियम बनाने की आवश्यकता है। यह फरीदाबाद के साथ पूरे एनसीआर की जीवन रेखा है। सरकार को भी इस मामले पर गंभीरता से विचार करके नए कानून बनाने चाहिए। - विजय बेंजवाल
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अभी हम लोगों की मांग पूरी नहीं हुई है। अरावली को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार को संरक्षण के साथ अरावली में उसका पुराना रूप वापस दिलवाने के लिए भी बड़े स्तर पर पौधरोपण करवाना चाहिए। - राजू रावत
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली पर्वतमाला को लेकर अदालत द्वारा अपने पूर्व आदेश को स्थगित करते हुए एक कमेटी गठित करने के निर्णय का फरीदाबाद में अरावली प्रेमियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह फैसला अरावली के संरक्षण की दिशा में अच्छा कदम है।
अरावली प्रेमियों का कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में खनन, अतिक्रमण और अनियंत्रित निर्माण को लेकर चिंता जताई जाती रही है। कोर्ट द्वारा कमेटी गठित करने से अब वैज्ञानिक, कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं पर गहराई से अध्ययन होने की उम्मीद है। अरावली बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि इस कमेटी में पर्यावरण विशेषज्ञों, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके। उनका कहना है कि कोर्ट का यह कदम अरावली संरक्षण को लेकर जारी असमंजस को दूर करेगा और भविष्य में स्पष्ट नीति बनाने का रास्ता खोलेगा।
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वर्जन
अरावली के संरक्षण के लिए अभी और सख्त नियम बनाने की आवश्यकता है। यह फरीदाबाद के साथ पूरे एनसीआर की जीवन रेखा है। सरकार को भी इस मामले पर गंभीरता से विचार करके नए कानून बनाने चाहिए। - विजय बेंजवाल
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अभी हम लोगों की मांग पूरी नहीं हुई है। अरावली को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार को संरक्षण के साथ अरावली में उसका पुराना रूप वापस दिलवाने के लिए भी बड़े स्तर पर पौधरोपण करवाना चाहिए। - राजू रावत