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Faridabad News: गला दबाकर पत्नी की हत्या करने वाले पति को अदालत ने ठहराया दोषी
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फरीदाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय की अदालत ने करीब तीन साल पहले पत्नी की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी पति सुरेंद्र को दोषी करार दिया है। शराब के नशे में पत्नी को प्रताड़ित करने और फिर उसकी गला दबाकर हत्या करने के इस मामले में अदालत 19 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगा।
अदालत में दायर याचिका के मुताबिक भारत कॉलोनी निवासी इंद्रपाल सिंह ने अपनी बेटी सुनीता की शादी करीब 17 साल पहले सेक्टर-86 निवासी सुरेंद्र के साथ की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद सुरेंद्र शराब पीकर सुनीता के साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न करने लगा। कई बार आपसी समझौतों और परिजनों की समझाइश के बाद भी आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वारदात से करीब एक महीने पहले सुनीता तंग आकर अपने मायके रहने चली गई थी। एक अप्रैल 2022 को सुरेंद्र अपने ससुराल पहुंचा और अपनी गलतियों की माफी मांगकर सुनीता को वापस घर ले आया। अगले ही दिन दो अप्रैल को जब परिजनों का सुनीता से संपर्क नहीं हुआ, तो पिता इंद्रपाल उसके घर पहुंचे। वहां छत पर बने बाथरूम में सुनीता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला, जिसके गले पर चोट के निशान थे। सुरेंद्र मौके पर उस वक्त मौजूद नहीं था। पिता की शिकायत पर खेड़ी पुल थाना पुलिस ने तीन अप्रैल 2022 को हत्या की एफआईआर दर्ज कर सुरेंद्र को गिरफ्तार किया था। तब से यह मामला विचाराधीन था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने सुरेंद्र को हत्या का जिम्मेदार माना है। संवाद
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अदालत में दायर याचिका के मुताबिक भारत कॉलोनी निवासी इंद्रपाल सिंह ने अपनी बेटी सुनीता की शादी करीब 17 साल पहले सेक्टर-86 निवासी सुरेंद्र के साथ की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद सुरेंद्र शराब पीकर सुनीता के साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न करने लगा। कई बार आपसी समझौतों और परिजनों की समझाइश के बाद भी आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वारदात से करीब एक महीने पहले सुनीता तंग आकर अपने मायके रहने चली गई थी। एक अप्रैल 2022 को सुरेंद्र अपने ससुराल पहुंचा और अपनी गलतियों की माफी मांगकर सुनीता को वापस घर ले आया। अगले ही दिन दो अप्रैल को जब परिजनों का सुनीता से संपर्क नहीं हुआ, तो पिता इंद्रपाल उसके घर पहुंचे। वहां छत पर बने बाथरूम में सुनीता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला, जिसके गले पर चोट के निशान थे। सुरेंद्र मौके पर उस वक्त मौजूद नहीं था। पिता की शिकायत पर खेड़ी पुल थाना पुलिस ने तीन अप्रैल 2022 को हत्या की एफआईआर दर्ज कर सुरेंद्र को गिरफ्तार किया था। तब से यह मामला विचाराधीन था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने सुरेंद्र को हत्या का जिम्मेदार माना है। संवाद
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