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Faridabad News: फरीदाबाद आए दंपती का मिचौंग तूफान के चलते चेन्नई जाना हुआ मुश्किल

Fri, 08 Dec 2023 11:12 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Fri, 08 Dec 2023 11:12 PM IST
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Couple who came to Faridabad found it difficult to go to Chennai due to Michong storm
वीना शर्मा
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फरीदाबाद। चेन्नई में तीन दिन पहले आए मिचौंग तूफान (साइक्लोन) फरीदाबाद आए एक दंपती के लिए भी मुसीबत का कारण बन गया। तूफान ने एक ओर जहां चेन्नई में दंपती के घर की एक दीवार तक ढहा दी और काफी कुछ तहस-नहस भी कर दिया। उधर चेन्नई में उनका छोटा बेटा तीन दिनों से बिना बिजली, मोबाइल कॉल और इंटरनेट न होने से फंसा हुआ है। बेटे और घर की चिंता में जहां एक मां के आंसू नहीं थम रहे तो पिता भी तीन दिनों तक उसके कुशलक्षेम के लिए परेशान रहा। दूसरी तरफ, तूफान के कारण ट्रेनें रद होने से दंपती रिजर्वेशन के बाद भी नहीं जा पाए। अब शनिवार शाम को उनका रिजर्वेशन वेटिंग में है।


चेन्नई स्थित अवार्डी क्षेत्र निवासी एस गीता अपने पति वी श्नवन्न के साथ 27 नंबर को जवाहर काॅलोनी में अपने भाई के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पहुंची थी। वह खुशी के माहौल का लुत्फ तक नहीं उठा पाई। एस गीता की अपने घर वापस न जा पाने की पीड़ा उनके आंसुओं में साफ झलक रही थी। घर की दीवार टूटने के साथ-साथ पानी बिजली का भी कनेक्शन भी टूटा गया है। गीता अपने घर जाने के लिए परेशान हैं और तीन दिनों से बेटे की चिंता में वह बीमार हो चुकी हैं।
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उन्होंने बताया कि उनकी वापसी की टिकट 6 दिसंबर की थी, लेकिन चेन्नई में मिचौंग तूफान की वजह से सरकार की ओर से ट्रेनों को रद कर दिया गया। आखिरकार चौथे दिन बेटे का फोन आया तो उसके ठीक होने की खबर मिली, पता लगा कि तूफान से घर मेंं बहुत नुकसान हुआ है। बेटे की चिंता और उससे संपर्क न होने के कारण में तीन रातों तक सो भी नहीं पाई।
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सरकार को करनी चाहिए वैकल्पिक व्यवस्था
सरकार को इस प्रकार की समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हमारे जैसे कई परिवार अन्य जगहों पर फंसे हो सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में मजबूरन लोग अपने परिवार को छोड़कर अन्य स्थानों पर पड़ता है। ऐसे लोगों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय उनके परिवार से मिलवाना सरकार का दायित्व बनता है। जिन ट्रेनों को रद्द किया गया विभाग को कम से कम पहले उन ट्रेनों के यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
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