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Faridabad News: गर्मी- बरसात से बढ़े खांसी-जुकाम के मरीज, ओपीडी में रोजाना 150 केस
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बच्चों को मौसम अनुसार कपड़े पहनाएं, ठंडी चीजों से परहेज और सफाई का ध्यान रखें
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तेज गर्मी के बीच अचानक हुई बरसात ने लोगों की सेहत पर विपरीत असर डालना शुरू कर दिया है। बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है।
बीके अस्पताल में रोजाना करीब 150 मरीज खांसी-जुकाम और गले से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित अग्रवाल का कहना है कि छोटे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली बड़ों की अपेक्षा कमजोर होती है, इसलिए वे इस तरह के संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में बच्चों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार बच्चे तेज गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं तो कभी बरसात में गीले हो जाते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है।
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चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं, ठंडी चीजों से परहेज कराएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे बदलते मौसम में लापरवाही न बरतें और अपनी दिनचर्या में आवश्यक सावधानियां अपनाएं, ताकि इस तरह की बीमारियों से बचा जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तेज गर्मी के बीच अचानक हुई बरसात ने लोगों की सेहत पर विपरीत असर डालना शुरू कर दिया है। बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है।
बीके अस्पताल में रोजाना करीब 150 मरीज खांसी-जुकाम और गले से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित अग्रवाल का कहना है कि छोटे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली बड़ों की अपेक्षा कमजोर होती है, इसलिए वे इस तरह के संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में बच्चों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार बच्चे तेज गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं तो कभी बरसात में गीले हो जाते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है।
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चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं, ठंडी चीजों से परहेज कराएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे बदलते मौसम में लापरवाही न बरतें और अपनी दिनचर्या में आवश्यक सावधानियां अपनाएं, ताकि इस तरह की बीमारियों से बचा जा सके।