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कोरोना संक्रमित महिला की मौत
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फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमित महिला की रविवार को मौत हो गई। आनन-फानन में सुरक्षा कर्मियों ने सभी मरीजों व अन्य लोगों को बाहर निकाल दिया। परिसर को सैनिटाइज करने के बाद मरीज को दोबारा इमरजेंसी में लिया गया। जांच में मरीज को कोरोना की पुष्टि हुई, लेकिन तब तक मरीज की मौत हो चुकी है। कोविड नियमों के तहत मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार पलवल निवासी 21 वर्षीय महिला में 16 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की पुष्टि की थी। उसका इलाज पलवल के एक निजी अस्पताल में चल रहा था और रविवार को महिला की तबियत खराब होने पर फरीदाबाद रेफर कर दिया गया। महिला के परिजन ऑक्सीजन पर महिला को सबसे पहले एनआईटी पांच स्थित डॉक्टर टू डे में ले गए, जहां पर करीब दो घंटे इंतजार करवाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने वेंटिलेटर की कमी का हवाला देकर भर्ती करने के इनकार दिया। उसके बाद परिजन महिला को लेकर सिविल अस्पताल बीके की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया, जिसमें रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। इस दौरान महिला की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं महिला के परिजन शव को घर ले जाने पर अड़े हुए थे, जबकि स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के अनुसार अंतिम संस्कार करवाना चाहते थे।
हंगामे की आशंका को देखते हुए अस्पताल प्रबंधकों ने बीके चौकी से पुलिस को बुलवाया। मृत महिला के परिजनों को समझाने के बाद वे तैयार हुए। महिला को टीबी की बीमारी बताई गई और उसका एक साल का बच्चा भी है।
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वर्जन
मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए इमरजेंसी परिसर को खाली करवाया गया। सैनिटाइज कराने के बाद मरीजों को दोबारा इमरजेंसी में लिया गया। जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। कोविड नियमों के तहत मृतक का दाह संस्कार किया जाएगा। - डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके सिविल अस्पताल
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जानकारी के अनुसार पलवल निवासी 21 वर्षीय महिला में 16 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की पुष्टि की थी। उसका इलाज पलवल के एक निजी अस्पताल में चल रहा था और रविवार को महिला की तबियत खराब होने पर फरीदाबाद रेफर कर दिया गया। महिला के परिजन ऑक्सीजन पर महिला को सबसे पहले एनआईटी पांच स्थित डॉक्टर टू डे में ले गए, जहां पर करीब दो घंटे इंतजार करवाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने वेंटिलेटर की कमी का हवाला देकर भर्ती करने के इनकार दिया। उसके बाद परिजन महिला को लेकर सिविल अस्पताल बीके की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया, जिसमें रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। इस दौरान महिला की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं महिला के परिजन शव को घर ले जाने पर अड़े हुए थे, जबकि स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के अनुसार अंतिम संस्कार करवाना चाहते थे।
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हंगामे की आशंका को देखते हुए अस्पताल प्रबंधकों ने बीके चौकी से पुलिस को बुलवाया। मृत महिला के परिजनों को समझाने के बाद वे तैयार हुए। महिला को टीबी की बीमारी बताई गई और उसका एक साल का बच्चा भी है।
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मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए इमरजेंसी परिसर को खाली करवाया गया। सैनिटाइज कराने के बाद मरीजों को दोबारा इमरजेंसी में लिया गया। जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। कोविड नियमों के तहत मृतक का दाह संस्कार किया जाएगा। - डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके सिविल अस्पताल