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कोरोना का प्रभाव : रिकवरी रेट बढ़ा, पर नहीं शुरू हुए अस्पतालों में ऑपरेशन

Sat, 26 Dec 2020 10:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 10:41 PM IST
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Corona effect: Recovery rate increased, but operation in hospitals not started
फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। कोरोना महामारी के कारण जिले में बंद हुए ऑपरेशनों का असर मेडिकल उपकरण बनाने वाले उद्योगों पर भी पड़ा है। इसका कारण कोविड काल में सरकार की ओर से बंद किए गए ऑपरेशनों को माना जा रहा है। मौजूदा समय में रिकवरी रेट बढ़ने के बावजूद आपात स्थिति से संबंधित ऑपरेशन ही सरकार की ओर से मंजूर किए गए हैं। यही कारण है कि ऑपरेशन से संबंधित उत्पादों की डिमांड घटी है और उद्योगों पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है। उधर मरीज दवाओं के सहारे अपनी स्थिति में सामंजस्य बनाने को मजबूर हैं।
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औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में छोटी-बड़ी करीब 28 हजार कंपनियां हैं। इनमें सात से आठ बड़ी दवा कंपनियां हैं। शहर में कभी दवा उद्योग का दबदबा था, मगर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकार द्वारा कर में छूट देने की नीति बनाने के बाद अधिकांश कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दवा बनाने का काम शुरू तो किया लेकिन लॉकडाउन के कारण शहर की दवा कंपनियों के पास ऑर्डर की कमी हो गई। सीमित संख्या में ऑपरेशन के कारण जिला मेडिकल उद्योग काफी प्रभावित हुआ है। मेडिकल उपकरण उद्योग के पास औसतन उत्पादन ऑर्डर पहले के मुकाबले 50 फीसदी घटा है।
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ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण
फॉली बेलून कैथेटर, यूरिन कलेक्शन बैग, यूरिन कल्चर बोटल, आईवी इंफ्यूजन सेट, इंट्रा वेंडस केनुला, ब्लड एडमिस्ट्रेशन सेट, आईवी फ्लो रेगुलेटर, इंफेंट फीडिंग ट्यूब इत्यादि उत्पादों की उत्पादन क्षमता में गिरावट दर्ज की गई है।
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कोविड अस्पतालों में नहीं बदली व्यवस्था
फरीदाबाद सहित दिल्ली एनसीआर में कोरोना रिकवरी रेट 97 फीसदी से अधिक पहुंच गया है। एक महीने में नए मरीजों की संख्या में भी भारी कमी आई है। इसके बावजूद कोविड अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं और ऑपरेशन बंद हैं। फरीदाबाद के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, नागरिक अस्पताल, दिल्ली स्थित सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया इत्यादि अस्पतालों में ऑपरेशन बंद हैं। हालांकि एनआईटी-तीन स्थित कोविड ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कुछ ओपीडी सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। ऑपरेशन अभी बंद हैं। ऐसे में हार्ट अटैक, हड्डी रोग व अन्य प्रकार के ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट एक साल के लिए आगे बड़ गई है।
उद्यमियों से बातचीत
सरकार व निजी अस्पतालों में सामान्य ऑपरेशन बंद हैं। केवल आपातकालीन ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस वजह से ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की मांग में कमी आई है। दवा उपकरण उत्पादक कंपनियों में उत्पादन क्षमता 50 फीसदी रह गई है, अगर सरकार ने ऑपरेशन शुरू नहीं किए थे तो उद्योगों की स्थिति और बिगड़ सकती है।
- रमनीक प्रभाकर, महासचिव, मैन्युफैक्चर एसोसिएशन ऑफ फरीदाबाद
अस्पतालों में कोविड की वजह से एंजोग्राफी, एंजोप्लासटी काफी कम हो रही हैं। इस वजह से मेडिकल उपकरणों का कारोबार कम रह गया है। वहीं न तो डॉक्टर अपने क्लीनिक पर पूरा समय बैठ रहे हैं न ही मरीज अस्पताल जाना चाहते हैं। इस वजह से कारोबार आधा रह गया है।

- केसी शर्मा, चेयरमैन, न्यूटेक मेडिकल डिवाइसिज
शहर में दवा और मेडिकल उपकरण बनाने वाली इकाइयां कम रह गई हैं। कभी यहां 100 के आसपास औद्योगिक इकाई थीं। लॉकडाउन की वजह से प्रत्येक क्षेत्र के उद्योगों को ऑर्डर मिलने में दिक्कत आई थी। अब जब लॉकडाउन खत्म हो चुका है। कोरोना का रिकवरी रेट भी 97 फीसदी पहुंच गया है तब भी ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं।
- सरेश खुराना, डीजीएम, बायोमेड हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड
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