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Faridabad News: नियमों को ताक पर रखकर चल रहे निर्माण कार्य, प्रदूषण से फूल रही लोगों की सांसें

Tue, 14 Nov 2023 09:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Nov 2023 09:49 PM IST
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Construction work is going on ignoring the rules, people are breathing due to pollution
अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में प्रदूषण रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने के बावजूद सरेआम धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। एनआईटी-3 और 5 नंबर में जहां एक तरफ भवनों का निर्माण का कार्य चल रहा है। वहीं, नीलम चौक पर एस्कोर्ट फोर्टिस अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। जिससे हवा लगातार जहरीली बनी हुई है। मंगलवार को फरीदाबाद एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। हवा में पीएम 2.5 का स्तर 258 और पीएम10 (सूक्ष्म कणों) का स्तर 500 पहुंच गया। जिससे दिनभर लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या से जूझना पड़ा।
पिछले सप्ताह बारिश होने और हवा चलने के कारण एक्यूआई मध्यम श्रेणी में पहुंच गया था। दो दिन लोगों ने खुली हवा में सांस ली थी। लेकिन दिवाली पर रात चले पटाखों के कारण हवा फिर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई। इसके असर मंगलवार को भी देखने को मिला। दिनभर आसमान में स्मॉग के बादल छाए रहे। लोगों को सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। मंगलवार को हवा की गति बेहद कम रही, ऐसे में एक्यूआई बढ़कर फिर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार फरीदाबाद का एक्यूआई 384 दर्ज किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों को देखें तो कि एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का एक्यूआई 402 दर्ज किया गया। सेक्टर 16ए क्षेत्र में 396, सेक्टर 11 क्षेत्र में 365 व सेक्टर 30 क्षेत्र में 389 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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फेफड़ों को छलनी कर रहे प्रदूषण के सूक्ष्म कण
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि पीएम 2.5 का स्तर धुएं से ज्यादा बढ़ता है यानि कि अगर हम कुछ चीजें वातावरण में जलाते हैं, तो वो पीएम 2.5 का स्तर बढ़ाता है। ये धुएं, धूल आदि के कणों को दर्शाता है यानि कि हवा में मौजूद कण 2.5 माइक्रोमीटर छोटे है। वहीं पीएम 10 का मतलब होता है कि हवा में मौजूद कण 10 माइक्रोमीटर से भी छोटे हैं, और जब पीएम 10, पीएम 2.5 का स्तर 100 से ऊपर पहुंचता है, तो ये खराब श्रेणी को दर्शाता है यानि हवा में धूल, मिट्टी, धुंध के कण ज्यादा मात्रा में मौजूद है, जो आसानी से सांस के जरिए आप के फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं।
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वायु गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल प्रशासन ने स्वेच्छा से अस्पताल विस्तार परियोजना को रोक दिया है। वर्तमान में हम केवल अस्पताल परिसर के भीतर आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य कर रहे हैं, जिसमें वायु गुणवत्ता प्रभाव को कम करने के लिए कठोर धूल नियंत्रण उपायों को सुनिश्चित करते हुए रोगी वार्डों की आवश्यक पाइपलाइन मरम्मत और रखरखाव का काम किया जा रहा है।

- तबिश चौधरी, सेल्स एंड मार्केटिंग प्रमुख, एस्कोर्ट फोर्टिस अस्पताल
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वर्जन
शहर रोक के बावजूद चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर जिला उपायुक्त विक्रम को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में सही पाए जाने पर निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - पी राघवेंद्र, हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन

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पिछले कुछ दिनों का एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
14 नवंबर 384

13 नवंबर 370

12 नवंबर 172

11 नवंबर 168

10 नवंबर 323

09 नवंबर 410
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