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गांव मौजा सदपुरा का चकबंदी रिकार्ड चोरी, केस दर्ज
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फरीदाबाद। उप तहसील तिगांव के गांव मौजा सदपुरा की चकबंदी रिकार्ड की चोरी का मामला सेंट्रल थाने में दर्ज कर लिया गया है। साल 2018 में विभाग के संज्ञान में ये मामला आया था। विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही थी। अभी तक इस मामले में संलिप्त अधिकारियों का पता नहीं लग सका है। बृहस्पतिवार को सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार एवं चकबंदी अधिकारी नेहा ने सेंट्रल थाने में दी शिकायत में कहा है कि 6 नवंबर 2018 में उप तहसील तिगांव के गांव मौजा सदपुरा का चकबंदी का रिकार्ड गायब होने का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद से विभागीय स्तर पर जांच शुरू कराई गई थी। अभी तक भी उस समय में ड्यूटी पर रहे पटवारी, कानूनगो व अन्य अधिकारिओं की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। इस मामले में नौ जुलाई 2021 को एक शिकायत दी गई थी। जिसमें रिकार्ड के गुम हो जाने की बात कही गई थी।
शिकायतकर्ता कानूनगो सागरमल का कहना है कि गलती से गुमशुदगी लिखवा दिया गया था। उसे अब चोरी की धाराओं के तहत दर्ज किया जाए। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि चकबंदी बस्ते से रिकार्ड चोरी होने के दौरान कौन-कौन पटवारी, कानूनगो व तहसीलदार पद पर कार्यरत थे। पहली बार साल 2018 में यह मामला सामने आया।
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तहसीलदार एवं चकबंदी अधिकारी नेहा ने सेंट्रल थाने में दी शिकायत में कहा है कि 6 नवंबर 2018 में उप तहसील तिगांव के गांव मौजा सदपुरा का चकबंदी का रिकार्ड गायब होने का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद से विभागीय स्तर पर जांच शुरू कराई गई थी। अभी तक भी उस समय में ड्यूटी पर रहे पटवारी, कानूनगो व अन्य अधिकारिओं की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। इस मामले में नौ जुलाई 2021 को एक शिकायत दी गई थी। जिसमें रिकार्ड के गुम हो जाने की बात कही गई थी।
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शिकायतकर्ता कानूनगो सागरमल का कहना है कि गलती से गुमशुदगी लिखवा दिया गया था। उसे अब चोरी की धाराओं के तहत दर्ज किया जाए। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि चकबंदी बस्ते से रिकार्ड चोरी होने के दौरान कौन-कौन पटवारी, कानूनगो व तहसीलदार पद पर कार्यरत थे। पहली बार साल 2018 में यह मामला सामने आया।
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