{"_id":"65bd257b0dda2752090d0a26","slug":"confluence-of-cultures-of-african-and-asian-countries-seen-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-20198-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अफ्रीकी और एशियन देशों की संस्कृतियों का दिखा संगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अफ्रीकी और एशियन देशों की संस्कृतियों का दिखा संगम
Fri, 02 Feb 2024 10:55 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 02 Feb 2024 10:55 PM IST
विज्ञापन
- सूरजकुंड में 40 देशों की संस्कृति से रूबरू हो रहे पर्यटक
- तंजानिया है कंट्री पार्टनर और थीम स्टेट गुजरात
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में विश्वभर के देशों की कला और संस्कृति का संगम दिखाई दिया। खासकर अफ्रीकी और एशियाई देशों से आए कलाकारों और शिल्पकारों ने अपने देशों की संस्कृति से रूबरू कराया। मेले में 1500 स्टॉल और पवेलियन लगाए गए हैं। इनमें भारतीय शिल्पकारों के अलावा 40 देशों से आए शिल्पकारों ने अपने देशों के शिल्प उत्पादों को दर्शाया है।
अरावली की खूबसूरत वादियों के बीच सूरजकुंड मेले के पहले दिन अलग-अलग देशों से आए कलाकार अपने देशों के लोक संगीत और कला की छटा बिखेरते दिखें। रूस, अफ्रीका के घाना, केप वर्दे गणराज्य, टोबो, तंजानियां व एशियाई देश भूटान समेत 40 देशों के कलाकार अपने गीतों के माध्यम से लोक कला को दर्शाते दिखे। वहीं, बहुत से कलाकार अपने देश के लोक नृत्य को दर्शाकर मेले में रंग-बिरंगी छटा बिखेर रहे थे। 40 देशों से आए शिल्पियों ने अपने स्टॉल और पवेलियन भी लगाए। शिल्पियों ने अपने देशों के परिधानों, सजावटी सामान, कलाकृतियां और व्यंजनों को भी रखा था। पर्यटक इन स्टॉल में जाकर खरीदारी भी करते नजर आए।
दूसरी तरफ, मेले में भारतीय प्रदेशों की लोक संस्कृति की भी झलक दिखलाई दी। मेले में शिल्पकारों ने करीब 1500 स्टॉल लगाए हैं। इस दौरान हरियाणा, थीम स्टेट गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य प्रदेशों के शिल्प दर्शाए गए। इन राज्यों के स्टॉलों में अपने प्रदेशों के व्यंजनों को भी रखा गया था। मेले के पहले दिन हालांकि कम पर्यटक दिखाई दिए।
विज्ञापन
थीम स्टेट गुजरात
मेले के थीम स्टेट गुजरात राज्य की कला, परंपरा देखते ही बनती है। गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिल्पकरों व कलाकारों के माध्यम से राज्य की जीवंत कला देखने को मिली।
विज्ञापन
- तंजानिया है कंट्री पार्टनर और थीम स्टेट गुजरात
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में विश्वभर के देशों की कला और संस्कृति का संगम दिखाई दिया। खासकर अफ्रीकी और एशियाई देशों से आए कलाकारों और शिल्पकारों ने अपने देशों की संस्कृति से रूबरू कराया। मेले में 1500 स्टॉल और पवेलियन लगाए गए हैं। इनमें भारतीय शिल्पकारों के अलावा 40 देशों से आए शिल्पकारों ने अपने देशों के शिल्प उत्पादों को दर्शाया है।
अरावली की खूबसूरत वादियों के बीच सूरजकुंड मेले के पहले दिन अलग-अलग देशों से आए कलाकार अपने देशों के लोक संगीत और कला की छटा बिखेरते दिखें। रूस, अफ्रीका के घाना, केप वर्दे गणराज्य, टोबो, तंजानियां व एशियाई देश भूटान समेत 40 देशों के कलाकार अपने गीतों के माध्यम से लोक कला को दर्शाते दिखे। वहीं, बहुत से कलाकार अपने देश के लोक नृत्य को दर्शाकर मेले में रंग-बिरंगी छटा बिखेर रहे थे। 40 देशों से आए शिल्पियों ने अपने स्टॉल और पवेलियन भी लगाए। शिल्पियों ने अपने देशों के परिधानों, सजावटी सामान, कलाकृतियां और व्यंजनों को भी रखा था। पर्यटक इन स्टॉल में जाकर खरीदारी भी करते नजर आए।
विज्ञापन
दूसरी तरफ, मेले में भारतीय प्रदेशों की लोक संस्कृति की भी झलक दिखलाई दी। मेले में शिल्पकारों ने करीब 1500 स्टॉल लगाए हैं। इस दौरान हरियाणा, थीम स्टेट गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य प्रदेशों के शिल्प दर्शाए गए। इन राज्यों के स्टॉलों में अपने प्रदेशों के व्यंजनों को भी रखा गया था। मेले के पहले दिन हालांकि कम पर्यटक दिखाई दिए।
विज्ञापन
थीम स्टेट गुजरात
मेले के थीम स्टेट गुजरात राज्य की कला, परंपरा देखते ही बनती है। गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिल्पकरों व कलाकारों के माध्यम से राज्य की जीवंत कला देखने को मिली।