{"_id":"611014e18ebc3ef4500fa51a","slug":"confirmation-of-sex-of-fetus-in-code-word-said-everything-is-fine-5-arrested-faridabad-news-noi5981759177","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोड वर्ड में की भ्रूण के लिंग की पुष्टि, कहा-सब कुछ ठीक, 5 गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोड वर्ड में की भ्रूण के लिंग की पुष्टि, कहा-सब कुछ ठीक, 5 गिरफ्तार
विज्ञापन
फरीदाबाद। जिला स्वास्थ्य विभाग की भ्रूण लिंग जांच निरोधक टीम ने शनिवार देर शाम दिल्ली के विकास नगर के रहरोला इलाके में संचालित सनलाइफ लैब में छापेमारी की। इस दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई थी। आरोपी महिला ने फोन पर बताया था कि ‘सब कुछ ठीक है’, इसका मतलब था महिला के गर्भ में लड़का है। इस पूरे प्रकरण का खुलासा पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए बनाई गई फर्जी ग्राहक के साथ हुई बातचीत के बाद हुआ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि पूनम नाम की महिला स्थानीय गर्भवतियों को दिल्ली ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराती है। इस पर डॉ. गुप्ता ने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी हरीश आर्या और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में तिगांव स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. राखी और कानूनी सलाहकार संजय गुप्ता शामिल किए। कार्रवाई को सफल बनाने के लिए एक गर्भवती को भ्रूण जांच के लिए विभाग ने तैयार किया।
32 हजार में सौदा तय हुआ
पीएनडीटी के नोडल डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के इशारे पर गर्भवती ने पूनम से संपर्क किया। भ्रूण लिंग जांच के लिए पूनम संग उसका सौदा 32 हजार रुपये में तय हुआ। सौदे के बाद पूनम उक्त महिला को विकास नगर स्थित जयबाला जी अस्पताल ले गई। जहां पर उसने एक रेफरल स्लिप बनवाई और जांच के लिए समीप स्थित सनलाइफ लैब के डॉ. अंकित के पास ले गई। वहां पर गर्भवती ने सभी औपचारिकताएं पूरी की। वहां उसका अल्ट्रासाउंड करवाकर गर्भवती को बाहर बैठने को कहा।
विज्ञापन
एक अन्य महिला कराती थी मध्यस्थता
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गर्भवती का पीछा कर रही थी और मौका पाकर छापेमारी कर दी। उन्होंने बताया कि पूनम एक अन्य रजनी नाम की महिला के संपर्क में थी। वह लैब संचालक और पूनम के बीच मध्यस्थता का काम करती थी। रजनी ने फोन करके पूनम को कोड में बताया कि ‘सब कुछ ठीक है’। इस कोड का मतलब था कि गर्भ में पलने वाला बच्चा लड़का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और पुलिस को भी सूचना देकर बुला लिया था। पुलिस ने पूनम, रजनी, डॉ. अंकित, लैब के संचालक संयोग और बिमलेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील किया गया है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि पूनम नाम की महिला स्थानीय गर्भवतियों को दिल्ली ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराती है। इस पर डॉ. गुप्ता ने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी हरीश आर्या और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में तिगांव स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. राखी और कानूनी सलाहकार संजय गुप्ता शामिल किए। कार्रवाई को सफल बनाने के लिए एक गर्भवती को भ्रूण जांच के लिए विभाग ने तैयार किया।
विज्ञापन
32 हजार में सौदा तय हुआ
पीएनडीटी के नोडल डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के इशारे पर गर्भवती ने पूनम से संपर्क किया। भ्रूण लिंग जांच के लिए पूनम संग उसका सौदा 32 हजार रुपये में तय हुआ। सौदे के बाद पूनम उक्त महिला को विकास नगर स्थित जयबाला जी अस्पताल ले गई। जहां पर उसने एक रेफरल स्लिप बनवाई और जांच के लिए समीप स्थित सनलाइफ लैब के डॉ. अंकित के पास ले गई। वहां पर गर्भवती ने सभी औपचारिकताएं पूरी की। वहां उसका अल्ट्रासाउंड करवाकर गर्भवती को बाहर बैठने को कहा।
विज्ञापन
एक अन्य महिला कराती थी मध्यस्थता
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गर्भवती का पीछा कर रही थी और मौका पाकर छापेमारी कर दी। उन्होंने बताया कि पूनम एक अन्य रजनी नाम की महिला के संपर्क में थी। वह लैब संचालक और पूनम के बीच मध्यस्थता का काम करती थी। रजनी ने फोन करके पूनम को कोड में बताया कि ‘सब कुछ ठीक है’। इस कोड का मतलब था कि गर्भ में पलने वाला बच्चा लड़का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और पुलिस को भी सूचना देकर बुला लिया था। पुलिस ने पूनम, रजनी, डॉ. अंकित, लैब के संचालक संयोग और बिमलेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील किया गया है।