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Faridabad News: जिले में फसल अवशेष व पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
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उपायुक्त ने जारी किए आदेश, नियमों की अवहेलना करने पर होगी सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। उपायुक्त ने जिले में धान एवं अन्य फसलों की कटाई के बाद फसल अवशेष व पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं (स्मॉग) वातावरण को प्रदूषित करता है और मानव एवं पशु स्वास्थ्य पर अत्यंत दुष्प्रभाव डालता है। साथ ही इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती है, जिससे आगामी फसलों की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
विक्रम सिंह ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा भी फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। जिसके अंतर्गत जुर्माने का भी प्रावधान है। हरियाणा सरकार द्वारा भी किसानों से अपील की गई है कि वे पराली न जलाएं तथा इसके प्रबंधन के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी तकनीकों का उपयोग करें।
उन्होंने किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग और जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर पराली जलाने की घटना न हो।
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उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। उपायुक्त ने जिले में धान एवं अन्य फसलों की कटाई के बाद फसल अवशेष व पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं (स्मॉग) वातावरण को प्रदूषित करता है और मानव एवं पशु स्वास्थ्य पर अत्यंत दुष्प्रभाव डालता है। साथ ही इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती है, जिससे आगामी फसलों की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
विक्रम सिंह ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा भी फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। जिसके अंतर्गत जुर्माने का भी प्रावधान है। हरियाणा सरकार द्वारा भी किसानों से अपील की गई है कि वे पराली न जलाएं तथा इसके प्रबंधन के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी तकनीकों का उपयोग करें।
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उन्होंने किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग और जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर पराली जलाने की घटना न हो।
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उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।