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रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थिति में कर्मचारी की मौत
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रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थिति में कंपनी कर्मचारी की मौत
फरीदाबाद। मुजेसर थाना क्षेत्र स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी धर्मपाल पुत्र हरिसिंह की संदिग्ध परिस्थिति में बुधवार शाम बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर मौत हो गई। वह कंपनी से ड्यूटी खत्म कर पलवल स्थित अपने गांव पिंगौड जा रहा था। जीआरपी ने कर्मचारी की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव लेकर कंपनी के गेट पर पहुंच गए व मुआवजा समेत परिजन को नौकरी देने की मांग करने लगे। वहीं, कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कंपनी कर्मचारियों ने भी नियमित करने की मांग उठाई। कंपनी प्रबंधन ने मृतक कर्मचारी के बेटे को पात्रता के आधार पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस के समझाने पर परिजन शव लेकर चले गए।
कर्मचारियों ने इस मामले में कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि धर्मपाल करीब 25 साल से इस कंपनी में कांट्रेक्ट पर काम कर रहा था। बीते दिनों कंपनी कांट्रेक्ट पर रखे कर्मचारियों को नियमित कर रही थी। इस दौरान धर्मपाल को नियमित करने की बात हो रही थी। उससे कागज भी मांगे गए थे, जिसे उसने प्रबंधन के पास जमा करा दिया था। आरोप है कि जब नियमित किए गए कर्मचारी के नामों की घोषणा हुई तो उसमें धर्मपाल का नाम नहीं था।
इसके कारण धर्मपाल को गहरा सदमा लगा। बुधवार शाम करीब साढे़ तीन बजे छुट्टी के बाद वह ईएमयू ट्रेन से पलवल जा रहा था। उसकी तबीयत खराब होने लगी तो बल्लभगढ़ स्टेशन पर ट्रेन से उतर गया। इसके चंद मिनट बाद ही उसने स्टेशन पर दम तोड़ दिया। सूचना पाकर पहुंची जीआरपी बल्लभगढ़ ने उसे बीके सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पहले भी हो चुकी है दो लोगों की मौत
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के इस बर्ताव के कारण करीब छह माह पहले भी दो कर्मचारी ज्ञानेंद्र निवासी डबुआ व सतपाल निवासी पिंगोर की सदमे से मौत हो गई थी।
कोट
परिजन धर्मपाल के शव को लेकर कंपनी पहुंचे थे। कंपनी प्रबंधन के साथ उनका समझौता करा दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव चले गए। उन्होंने किसी के खिलाफ शिकायत नहीं दी है। -सुदीप, थाना प्रभारी मुजेसर।
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फरीदाबाद। मुजेसर थाना क्षेत्र स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी धर्मपाल पुत्र हरिसिंह की संदिग्ध परिस्थिति में बुधवार शाम बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर मौत हो गई। वह कंपनी से ड्यूटी खत्म कर पलवल स्थित अपने गांव पिंगौड जा रहा था। जीआरपी ने कर्मचारी की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव लेकर कंपनी के गेट पर पहुंच गए व मुआवजा समेत परिजन को नौकरी देने की मांग करने लगे। वहीं, कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कंपनी कर्मचारियों ने भी नियमित करने की मांग उठाई। कंपनी प्रबंधन ने मृतक कर्मचारी के बेटे को पात्रता के आधार पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस के समझाने पर परिजन शव लेकर चले गए।
कर्मचारियों ने इस मामले में कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि धर्मपाल करीब 25 साल से इस कंपनी में कांट्रेक्ट पर काम कर रहा था। बीते दिनों कंपनी कांट्रेक्ट पर रखे कर्मचारियों को नियमित कर रही थी। इस दौरान धर्मपाल को नियमित करने की बात हो रही थी। उससे कागज भी मांगे गए थे, जिसे उसने प्रबंधन के पास जमा करा दिया था। आरोप है कि जब नियमित किए गए कर्मचारी के नामों की घोषणा हुई तो उसमें धर्मपाल का नाम नहीं था।
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इसके कारण धर्मपाल को गहरा सदमा लगा। बुधवार शाम करीब साढे़ तीन बजे छुट्टी के बाद वह ईएमयू ट्रेन से पलवल जा रहा था। उसकी तबीयत खराब होने लगी तो बल्लभगढ़ स्टेशन पर ट्रेन से उतर गया। इसके चंद मिनट बाद ही उसने स्टेशन पर दम तोड़ दिया। सूचना पाकर पहुंची जीआरपी बल्लभगढ़ ने उसे बीके सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पहले भी हो चुकी है दो लोगों की मौत
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के इस बर्ताव के कारण करीब छह माह पहले भी दो कर्मचारी ज्ञानेंद्र निवासी डबुआ व सतपाल निवासी पिंगोर की सदमे से मौत हो गई थी।
कोट
परिजन धर्मपाल के शव को लेकर कंपनी पहुंचे थे। कंपनी प्रबंधन के साथ उनका समझौता करा दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव चले गए। उन्होंने किसी के खिलाफ शिकायत नहीं दी है। -सुदीप, थाना प्रभारी मुजेसर।