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Faridabad News: अरावली से ग्रेटर फरीदाबाद तक निर्बाध आवाजाही का रास्ता साफ
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बड़खल–बाटा रूट पर सर्वे पूरा, चंडीगढ़ गई फाइल पर जल्द लग सकती है मोहर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे के कारण लंबे समय से दो हिस्सों में बंटे फरीदाबाद को जोड़ने की दिशा में अब ठोस प्रगति दिखने लगी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की अनइंटरप्टेड कनेक्टिविटी परियोजना ने गति पकड़ ली है।
खास तौर पर बड़खल रूट और बाटा रूट पर विस्तृत सर्वे का काम पूरा हो चुका है और इससे जुड़ी फाइल बजट व अंतिम मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेज दी गई है। प्रदेश के बजट पर इसके लिए अलग से राशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसको लेकर स्थानीय विधायक ने कुछ दिन पहले भी संकेत दिए थे। एफएमडीए ने चार प्रमुख लिंक रोड में से दो बड़खल रूट और बाटा रूट को प्राथमिकता देते हुए इन पर तकनीकी और ट्रैफिक सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे में मौजूदा यातायात दबाव, संभावित फ्लाईओवर या अंडरपास के स्थान, निर्माण की व्यवहार्यता और भूमि उपयोग का बारीकी से अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट को अब चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया है जिसे इसी माह मंजूरी मिल सकती है। प्राधिकरण के सूत्र बताते हैं कि इन दोनों मार्गों पर काम शुरू होते ही पश्चिमी फरीदाबाद से पूर्वी हिस्से तक आवाजाही में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
शहर के दोनों छोरों को जोड़ेगा नया नेटवर्क
फरीदाबाद के पश्चिमी हिस्से में बसे एनआईटी, बड़खल, सैनिक कॉलोनी और ग्रीन फील्ड जैसे इलाकों के लोग अभी ग्रेटर फरीदाबाद जाने के लिए नीलम, बाटा या ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास पर निर्भर हैं जहां पीक ऑवर्स में घंटों जाम लगता है। नई योजना लागू होने के बाद इन इलाकों के लोगों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 से 89 तक के रिहायशी इलाकों के निवासियों के लिए शहर के पुराने बाजारों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। मुजेसर और न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप के उद्योगों को भी माल ढुलाई के लिए बेहतर मार्ग मिलेंगे, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होगी।
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निर्बाध कनेक्टिविटी का मास्टर प्लान
एफएमडीए की योजना चार प्रमुख लिंक रोड विकसित करने की है जो रेलवे लाइन और हाईवे के ऊपर या नीचे से बिना ट्रैफिक सिग्नल के गुजरेंगे। योजना का उद्देश्य वेस्ट टू ईस्ट कनेक्टिविटी को इतना सहज बनाना कि वाहन चालकों को बार-बार चौराहों पर रुकना न पड़े। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
रियल एस्टेट और विकास पर असर
शहर के विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे इस परियोजना पर काम आगे बढ़ेगा ग्रेटर फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क का मतलब कम यात्रा समय, कम ईंधन खर्च और बेहतर जीवन गुणवत्ता है। इससे नए निवेश के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सूरजकुंड और अरावली बेल्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर सर्वे के बाद फाइल चंड़ीगढ़ भेजी गई है। बजट मिलने के बाद इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा।
केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे के कारण लंबे समय से दो हिस्सों में बंटे फरीदाबाद को जोड़ने की दिशा में अब ठोस प्रगति दिखने लगी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की अनइंटरप्टेड कनेक्टिविटी परियोजना ने गति पकड़ ली है।
खास तौर पर बड़खल रूट और बाटा रूट पर विस्तृत सर्वे का काम पूरा हो चुका है और इससे जुड़ी फाइल बजट व अंतिम मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेज दी गई है। प्रदेश के बजट पर इसके लिए अलग से राशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसको लेकर स्थानीय विधायक ने कुछ दिन पहले भी संकेत दिए थे। एफएमडीए ने चार प्रमुख लिंक रोड में से दो बड़खल रूट और बाटा रूट को प्राथमिकता देते हुए इन पर तकनीकी और ट्रैफिक सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे में मौजूदा यातायात दबाव, संभावित फ्लाईओवर या अंडरपास के स्थान, निर्माण की व्यवहार्यता और भूमि उपयोग का बारीकी से अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट को अब चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया है जिसे इसी माह मंजूरी मिल सकती है। प्राधिकरण के सूत्र बताते हैं कि इन दोनों मार्गों पर काम शुरू होते ही पश्चिमी फरीदाबाद से पूर्वी हिस्से तक आवाजाही में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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शहर के दोनों छोरों को जोड़ेगा नया नेटवर्क
फरीदाबाद के पश्चिमी हिस्से में बसे एनआईटी, बड़खल, सैनिक कॉलोनी और ग्रीन फील्ड जैसे इलाकों के लोग अभी ग्रेटर फरीदाबाद जाने के लिए नीलम, बाटा या ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास पर निर्भर हैं जहां पीक ऑवर्स में घंटों जाम लगता है। नई योजना लागू होने के बाद इन इलाकों के लोगों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 से 89 तक के रिहायशी इलाकों के निवासियों के लिए शहर के पुराने बाजारों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। मुजेसर और न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप के उद्योगों को भी माल ढुलाई के लिए बेहतर मार्ग मिलेंगे, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होगी।
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निर्बाध कनेक्टिविटी का मास्टर प्लान
एफएमडीए की योजना चार प्रमुख लिंक रोड विकसित करने की है जो रेलवे लाइन और हाईवे के ऊपर या नीचे से बिना ट्रैफिक सिग्नल के गुजरेंगे। योजना का उद्देश्य वेस्ट टू ईस्ट कनेक्टिविटी को इतना सहज बनाना कि वाहन चालकों को बार-बार चौराहों पर रुकना न पड़े। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
रियल एस्टेट और विकास पर असर
शहर के विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे इस परियोजना पर काम आगे बढ़ेगा ग्रेटर फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क का मतलब कम यात्रा समय, कम ईंधन खर्च और बेहतर जीवन गुणवत्ता है। इससे नए निवेश के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सूरजकुंड और अरावली बेल्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर सर्वे के बाद फाइल चंड़ीगढ़ भेजी गई है। बजट मिलने के बाद इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा।
केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए