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एसी कमरों में बैठकर नहीं सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग

Fri, 18 Sep 2020 06:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 06:03 PM IST
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Cleanliness ranking will not improve by sitting in AC rooms
एसी कमरों में बैठकर नहीं सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग
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फरीदाबाद। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों में बैठकर सेमिनार कर रहे हैं, जबकि जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के नाम पर सिर्फ कागजी बातें हो रही हैं। धरातल पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर में लावारिस मवेशी मुंह मारते रहते हैं।
शहर में रोजाना 700 से 750 टन कचरा निकलता है, जिसे बंधवाड़ी स्थित ठोस कचरा निस्तारण केंद्र पर भेजा जाता है। कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां भी कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है। निगम ने शहर में घर-घर से और खत्तों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी ईकोग्रीन कंपनी को दे रखी है। संसाधनों के अभाव में कंपनी न तो घर-घर से 100 प्रतिशत कूड़ा उठान कर पा रही है और न ही खत्तों से कूड़ा उठाकर उसका निस्तारण करने में सफल हो पा रही है। ईकोग्रीन की कार्यप्रणाली पर कई बार सदन की बैठक में पार्षद सवाल उठा चुके हैं।
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लगातार गिर रही है स्वच्छता रैंकिंग
केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण के पिछले वर्षों के सर्वे में नगर निगम फरीदाबाद की रैंकिंग लगातार गिर रही है। 2017 के सर्वेक्षण में फरीदाबाद देशभर में 88वें स्थान पर था, जबकि अगले ही वर्ष 2018 में 216 पर पहुंच गई, जोकि काफी चिंताजनक थी। इसके बावजूद नगर निगम ने इसमें सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और वर्ष 2019 में यह और नीचे आ गई। पिछले साल स्वच्छता के मामले में फरीदाबाद 227वें स्थान पर था। इस बार नियमों में हुए बदलाव के कारण 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में फरीदाबाद 47 में से 38वें पायदान पर रहा है।
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रैंकिंग सुधारने के लिए सेमिनार आयोजित
पिछले दिनों नगर निगम ने नीलम बाटा रोड स्थित एक होटल में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए सेमिनार का आयोजन किया था। इसमें पार्षदों के अलावा शहर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को बुलाया गया था। फीडबैक फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिन्हा ने वहां बैठे लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग करने पर जोर दिया। इसके बावजूद शहर में कूड़े का ढेर लगा देखा जा सकता है।
बोले पार्षद:
ईकोग्रीन कंपनी के पास संसाधनों की कमी है। यही वजह से है कि शहर से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। मेरा वार्ड ईकोग्रीन कंपनी के डबुआ स्थित छंटनी केंद्र से सबसे नजदीक है। इसके बावजूद कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। - मनोज नासवा, पार्षद वार्ड 11
ईकोग्रीन कंपनी के अधिकारी काम करने को तैयार ही नहीं है। हर तरफ कूड़े के ढेर हैं। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं करता है। अधिकारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारियों में इच्छाशक्ति की कमी के कारण ही रैंकिंग लगातार गिर रही है। - अजय बैंसला, पार्षद

अधिकारी वर्जन:
शहर से नियमित रूप से कूड़ा उठान कराया जा रहा है। ईकोग्रीन कंपनी को स्पष्ट निर्देश हैं कि शहर के खत्तों के साथ ही घर-घर से 100 फीसदी कूड़ा उठान हो। इसके बाद भी अगर कूड़े के ढेर शहर में लगने की शिकायत मिलती है तो तत्काल ही कूड़े को उठवाया जाएगा। वहीं संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
- श्याम सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
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