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12वीं कक्षा के छात्र ने पुलिस आयुक्त को दिए सुझाव
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फरीदाबाद। टीनएज पुलिस विंग से प्रभावित होकर 12वीं कक्षा के छात्र शौर्य ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें टीनएज के बारे में कुछ सुझाव प्रस्तुत किए।
छात्र शौर्य ने टीनएज विंग गठन की जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त को ईमेल कर मुलाकात के लिए समय मांगा था, जिस पर पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने उसे सोमवार सुबह में बुलाया। पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि शौर्य ने करीब 40 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से पुलिस आयुक्त के सामने रखा। शौर्य ने बताया कि अधिकांश छात्र-छात्राओं को माता-पिता का दबाव, परीक्षा व उसके परिणाम का दबाव, निम्न शैक्षणिक योग्यता, सीमित जीवन, कम अंक आने पर दिए जाने वाले ताने आदि झेलने पड़ते हैं। स्कूल में कुछ इस तरह के ग्रुप भी होते हैं, जिसमें शारीरिक आकार, रंग-रूप, भाषा आदि पर तंज कसे जाते हैं। अध्यापक की बातों को मानने वालों को चापलूस और न जाने क्या-क्या उपमाएं दी जाती है। इससे विद्यार्थी जीवन असंतुलित हो जाता है। इस कारण विद्यार्थी कई बार गलत कदम भी उठा लेते हैं।
पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने कहा कि प्रत्येक थानों में टीएपी आउटरीच ऑफिसर की तैनाती की जाएगी, जिसमें महिला-पुरुष दोनों पुलिसकर्मी कार्य करेंगे और विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेंगे। स्कूल, कोचिंग सेंटर आदि स्थानों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी। अपराध और नशा के साथ गलत संगत में पड़ने वाले बच्चों को सही मार्ग पर लाने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।
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छात्र शौर्य ने टीनएज विंग गठन की जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त को ईमेल कर मुलाकात के लिए समय मांगा था, जिस पर पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने उसे सोमवार सुबह में बुलाया। पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि शौर्य ने करीब 40 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से पुलिस आयुक्त के सामने रखा। शौर्य ने बताया कि अधिकांश छात्र-छात्राओं को माता-पिता का दबाव, परीक्षा व उसके परिणाम का दबाव, निम्न शैक्षणिक योग्यता, सीमित जीवन, कम अंक आने पर दिए जाने वाले ताने आदि झेलने पड़ते हैं। स्कूल में कुछ इस तरह के ग्रुप भी होते हैं, जिसमें शारीरिक आकार, रंग-रूप, भाषा आदि पर तंज कसे जाते हैं। अध्यापक की बातों को मानने वालों को चापलूस और न जाने क्या-क्या उपमाएं दी जाती है। इससे विद्यार्थी जीवन असंतुलित हो जाता है। इस कारण विद्यार्थी कई बार गलत कदम भी उठा लेते हैं।
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पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने कहा कि प्रत्येक थानों में टीएपी आउटरीच ऑफिसर की तैनाती की जाएगी, जिसमें महिला-पुरुष दोनों पुलिसकर्मी कार्य करेंगे और विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेंगे। स्कूल, कोचिंग सेंटर आदि स्थानों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी। अपराध और नशा के साथ गलत संगत में पड़ने वाले बच्चों को सही मार्ग पर लाने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।
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