फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   City's public toilets are in bad condition, there is no pink toilet even in the market

Faridabad News: शहर के सार्वजनिक शौचालय बदहाल, बाजार तक में नहीं पिंक टॉयलेट

Mon, 02 Sep 2024 10:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 10:17 PM IST
विज्ञापन
City's public toilets are in bad condition, there is no pink toilet even in the market
- सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर पिछले कुछ साल में लगभग 18 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। शहर में सार्वजनिक शौचालय की हालात खराब है। कई जगह पानी नहीं है। ज्यादातर शौचालय टूटे और गंदगी से भरे है, तो कुछ पर ताला लटका है। शहर के मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए अलग से कोई शौचालय नहीं है। फरीदाबाद में पिछले पांच साल में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हुए है।



अमर उजाला की पड़ताल में ज्यादातर सार्वजनिक शौचालय टूटे और गंदगी से पटे मिले। तो कुछ शौचालयों से मुख्य गेट की गायब है। एनआईटी 5 की मुख्य बाजार में दो सार्वजनिक शौचालय है। जिनकी हालत खराब है जबकि 4 नंबर बाजार में कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है। वहीं 1 नंबर बाजार में 2 सार्वजनिक शौचालय हैं। यह पूरे शहर का मुख्य बाजार है। जिस कारण सार्वजनिक शौचालय में भारी भीड़ रहती है। जहां लोग 5 और 10 रुपये शुक्ल देकर शौचालय का प्रयोग करते हैं। इसके बाद भी लोगों को गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ता है। इन सभी जगह बाजारों में महिलाओं के लिए कोई अलग से शौचालय नहीं है। जबकि पूरे शहर में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर पिछले कुछ साल में 18 करोड़ से खर्च हो चुके है। इतना बजट खर्च होने के बाद भी शहर के लोगों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन



सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर खर्च
फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी के तरह पिछले पांच साल में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर लगभग सात करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हुए हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर दो करोड़ से ज्यादा खर्च हुए हैं। वहीं, नगर निगम ने बीते पांच साल में सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने विभिन्न इलाकों में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से 292 पोर्टेबल शौचालय लगाए थे। जो शौचालय भी शहर से धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

बाजार में दो ही शौचालय हैं। महिलाओं के लिए कोई अलग से शौचालय नहीं हैं। शौचालय बहुत गंदा रहता है। कई बार पानी भी नहीं आता है। कुछ समाधान होना चाहिए।
- बंशीलाल कुकरेजा, एनआईटी 5



हमारे एक नंबर बाजार में 2 सार्वजनिक शौचालय हैं। जिनमें से एक की हालत जर्जर है। यह शहर की मुख्य बाजार है। जिस कारण शौचालय में बहुत भीड़ रहती है।
- सुशांत नौनिहाल, एनआईटी

----

एसवीएम के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों का काम पहले नगर निगम के पास था, लेकिन निगम ने स्मार्ट सिटी को सौंप दिया था। स्मार्ट सिटी ने ही स्मार्ट शौचालयों का निर्माण करवाया था। अब निगम के पास शौचालयों का काम नहीं है।
-पद्म भूषण, कार्यकारी अभियंता नगर निगम फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed