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Faridabad News: बदलते मौसम में बच्चे हो रहे खांसी-जुकाम के शिकार
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बीके अस्पताल में रोजाना 60 से अधिक मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। बदलते मौसम में बच्चे खांसी-जुकाम और वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बीके अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से अधिक बच्चे खांसी-जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार सुबह और रात के तापमान में अंतर होने से बच्चों में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों बच्चों की संख्या बढ़ी है। इनमें अधिकांश बच्चों में खांसी, नाक बहना, गले में खराश और हल्के बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत का कहना है कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने के साथ ठंडी चीजों से परहेज कराने और पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने की सलाह दी गई है। घर के आसपास साफ-सफाई रखने और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बच्चों को बचाने को कहा गया है। चिकित्सकों के अनुसार यदि बच्चे को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक खांसी या कमजोरी महसूस हो तो उसे स्वयं दवा देने के बजाय चिकित्सक को दिखाना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बच्चों को गंभीर संक्रमण से बचाया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। बदलते मौसम में बच्चे खांसी-जुकाम और वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बीके अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से अधिक बच्चे खांसी-जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार सुबह और रात के तापमान में अंतर होने से बच्चों में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों बच्चों की संख्या बढ़ी है। इनमें अधिकांश बच्चों में खांसी, नाक बहना, गले में खराश और हल्के बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत का कहना है कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
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चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने के साथ ठंडी चीजों से परहेज कराने और पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने की सलाह दी गई है। घर के आसपास साफ-सफाई रखने और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बच्चों को बचाने को कहा गया है। चिकित्सकों के अनुसार यदि बच्चे को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक खांसी या कमजोरी महसूस हो तो उसे स्वयं दवा देने के बजाय चिकित्सक को दिखाना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बच्चों को गंभीर संक्रमण से बचाया जा सकता है।
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