फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Challan of 50 thousand...4 lakh rupees for parking

Faridabad News: 50 हजार का चालान...पार्किंग के 4 लाख रुपये

Sun, 14 Dec 2025 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
Challan of 50 thousand...4 lakh rupees for parking
चार साल बाद वाहन लेने गया था मालिक, कोर्ट के आदेश पर बिना पार्किग फीस लिए छोड़ा गया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) की ओर से करीब चार साल पहले एक वाहन का पॉल्यूशन का 50 हजार रुपये का चालान किया था। चालान नहीं भरने पर वाहन को बल्लभगढ़ बस डिपो में खड़ा कर दिया गया था। चार साल बाद चालान भरन के बाद जब चालक वाहन लेने के लिए डिपो में गया तो पता चला कि उसको वाहन पार्किंग फीस के 4 लाख रुपये देने होंगे। जिसके बाद वाहन मालिक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर वाहन को बिना पार्किंग फीस लिए छोड़ दिया गया। जिससे रोडवेज विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बल्लभगढ़ बस डिपो से मिली जानकारी के अनुसार साल 2021 में आरटीए की ओर से डिपो के बाहर से एक वाहन को पकड़ा गया था। जिसका पॉल्यूशन का 50 हजार रुपये का चालान किया गया था। वाहन को पकड़ने के बाद बल्लभगढ़ बस डिपो के अंदर बने यार्ड में खड़ा कर दिया था। यार्ड में खड़े वाहनों को नियम के अनुसार प्रतिदिन के हिसाब से 280 रुपये पार्किंग फीस के तौर पर अदा करनी होती है। वाहन मालिक 4 साल के बाद चालान भरने के बाद वाहन को लेने के लिए डिपो में पहुंचा तो उसको पता चला कि उसको करीब चार लाख रुपये पार्किंग फीस के तौर पर देने हैं।
विज्ञापन


कोर्ट का लिया सहारा
कोर्ट में चालक ने बताया कि चार साल पहले आरटीए की ओर से उसके वाहन का 50 हजार रुपये का पॉल्यूशन का चालान किया गया था, जो कि उसने भर दिया। लेकिन बस डिपो के अधिकारी पार्किंग फीस के नाम पर 4 लाख रुपये मांग रहे हैं। कोर्ट ने मालिक के हित में फैसला करते हुए रोडवेज विभाग को वाहन छोड़ने के लिए कहा गया। मालिक बिना पार्किंग फीस भरे वाहन को लेकर चला गया। इस वजह से रोडवेज विभाग के राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




रोडवेज कर्मचारी नेता रविंद्र नगर ने बताया कि उनकी ओर से कई बार उपायुक्त और आरटीए को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि वह जिन भी वाहनों को पकड़ते हैं। उनको डिपो के अंदर खड़ा न करें। क्योंकि इससे बसों को खड़ा करने में परेशानी होती है। कोर्ट के आदेश पर कई वाहनों को बिना पार्किंग फीस लिए छोड़ा गया है। जिससे राजस्व में उनको लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed