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Faridabad News: बादशाहपुर में बनेगा सीईटीपी, लगेगा जल प्रदूषण पर अंकुश

Thu, 22 Oct 2026 11:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:30 PM IST
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CETP to be built in Badshahpur; will help curb water pollution
एचएसआईआईडीसी परियोजना पर 123 करोड़ रुपये खर्च करेगा
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले दूषित पानी के सही निस्तारण और बढ़ते जल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने परियोजना तैयार की है। परियोजना के तहत बादशाहपुर में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निर्माण किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी इस परियोजना पर करीब 123 करोड़ रुपये खर्च करेगा।


इस प्लांट की कुल क्षमता 15 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) होगी, जिसे 7.5-7.5 एमएलडी की दो अलग-अलग इकाइयों में तैयार किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से औद्योगिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपचार में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे आसपास के जल स्रोतों को दूषित होने से बचाया जा सकेगा।
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एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के अनुसार, कार्यभार संभालने वाली एजेंसी ही प्लांट की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, उपकरणों की खरीद, निर्माण, स्थापना और परीक्षण से लेकर इसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। पानी को शुद्ध करने के लिए फिजिकल-केमिकल, बायोलॉजिकल और एक्सटेंडेड एरेशन प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाएगा। परियोजना को दो वर्ष में पूरा किया जाएगा।
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फैक्ट्रियों से प्रतिदिन निकलता है 60 एमएलडी दूषित पानी

गौरतलब है कि जिले में करीब 30 हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें बड़ी संख्या में डाइंग, केमिकल और एल्युमीनियम उद्योग शामिल हैं। इन फैक्ट्रियों से रोजाना 60 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) से अधिक जहरीला व केमिकल युक्त दूषित पानी निकलता है। जिले में एक भी सरकारी सीईटीपी न होने से पर्यावरण व स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि कुछ निजी उद्योगों ने अपने स्तर पर प्लांट लगाए हैं, लेकिन वे कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं।

प्रदूषण का स्तर घटेगा और स्वच्छ वातावरण बनेगा

औद्योगिक अपशिष्ट के सीधे नालों और सीवर में बहने से आसपास का जल स्तर और वातावरण दूषित हो रहा था। इस प्लांट के बनने से न केवल औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा, बल्कि प्रदूषण का स्तर घटेगा और स्वच्छ वातावरण बनेगा। यमुना नदी सहित नहरों में दूषित पानी डालने को लेकर एनजीटी सख्त है। एनजीटी के आदेश हैं कि केमिकल युक्त पानी को सीवर लाइनों में नहीं डाला जाए। इसके लिए उद्योग ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर उसमें डिस्चार्ज वाटर पहुंचाएंगी।




एचएसआईआईडीसी बादशाहपुर में 15 एमएलडी क्षमता वाले सीईटीपी के निर्माण की तैयारी में है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
- पुरुषोत्तम कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी
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