फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   CCTV cameras and traffic lights installed on city streets become showpieces

Faridabad News: शहर की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइटें बनी शोपीस

Fri, 18 Oct 2024 03:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 03:57 AM IST
विज्ञापन
CCTV cameras and traffic lights installed on city streets become showpieces
विज्ञापन

जाम की समस्या बढ़ने के साथ ही हादसों की आशंका, यातायात पुलिस को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की मुख्य सड़कों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइटें शोपीस बनकर रह गईं हैं। इस कारण शहर में जाम की समस्या बढ़ने के साथ हादसों का भी खतरा बढ़ रहा है। आलम यह है कि पिछले दो वर्ष में सड़क दुर्घटना में 421 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, यातायात पुलिस को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
-----
शहर में 35 फीसदी कैमरे खराब
स्मार्ट सिटी में दिल्ली-आगरा हाईवे, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी), बाईपास रोड, सूरजकुंड रोड, सूरजकुंड-पाली रोड, आगरा नहर रोड, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड और ग्रेटर फरीदाबाद की सभी मास्टर रोड सहित शहर में 50 से अधिक प्रमुख सड़कें हैं। हरियाणा सरकार एवं सदस्य मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रोड सेफ्टी कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यहां हर रोज तीन हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। दिल्ली-आगरा हाईवे, केजीपी एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को छोड़कर किसी भी मार्ग पर वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 35 फीसदी सीसीटीवी कैमरे खराब होने से समस्या और बढ़ गई है। इस कारण वाहन चालक भी बेखौफ होकर ओवर स्पीड और गलत दिशा में वहां दौड़ा रहे हैं। जो हर रोज शहर में हादसे का कारण बन रहे हैं।
विज्ञापन

वहीं, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने के मामले में कुल 598 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि 259 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं, वर्ष 2024 में 438 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और 162 लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
लोगों की बातचीत
सीसीटीवी कैमरे शहर में अपराध की रोकथाम में एक अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर इतने बड़े पैमाने पर कैमरे खराब हैं तो यह चिंता का विषय है, प्रशासन को इसे तुरंत दुरुस्त करवाना चाहिए। - सरदार देवेंद्र सिंह, सदस्य मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रोड सेफ्टी कमेटी
----
जिले के अंदर सीसीटीवी कैमरे 30 से 35 फीसदी खराब पड़े हैं। इसकी जांच की जाए और इसका समाधान जल्द से जल्द किया जाए। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पूरी जिम्मेदारी है इन समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की। - केतन सूरी, मीडिया एडवाइजर, रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन

--
वर्जन

सीसीटीवी कैमरों के संचालन और रखरखाव पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अप्रूवल की फाइल स्मार्ट सिटी प्रशासक के पास भेजी गई थी। प्राधिकरण के सीईओ ने निर्णय लिया है कि एफएमडीए अधिकारी और पुलिस आयुक्त शहर के सभी संचालित कैमरों को ध्यान में रखते हुए खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे और नए लगाए जाने वाले कैमरों की संख्या तय करने के बाद ही आगे कार्य करेंगे।- रमेश बागड़ी, महाप्रबंधक - स्मार्ट सिटी लिमिटेड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article