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खोरी गांव में जमीन बेचने पर 15 भूमाफिया पर केस

Sat, 03 Jul 2021 05:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 05:18 PM IST
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Case against 15 land mafia for selling land in Khori village
फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ से पहले भू माफिया पर कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बाद पुलिस विभाग ने अब भूमाफिया पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हालांकि शुरुआत में लोग दबंगों से डरकर सामने नही आ रहे थे, लेकिल अब खुलकर शिकायत देने लगे हैं। करीब दस दिन पहले निगम अधिकारी व दो अन्य लोगों ने भूमाफिया के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, वहीं शुक्रवार की देर रात तक 15 मामले और दर्ज हो गए।
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पुलिस की छह टीमों ने खोरी में घर-घर जाकर लोगों से पूछा कि उन्हें किन लोगों ने जमीन बेची थी। मूल रूप से यूपी के हाथरस स्थित गांव सासनी निवासी ऋषिपाल पुलिस को बताया कि उसने साल 2014 में अमन, कालू और सतीश नाम के युवकों से दो लाख रुपये में 50 गज का प्लॉट खरीदा था। मकान को बनाने में उसने पांच लाख रुपये लगा दिए। सरवरी देवी ने बताया कि करीब 15 साल पहले राजदीप गुर्जर और अनंगपाल से तीन लाख रुपये में 75 गज का प्लॉट खरीदा था। मकान में उसके करीब 15 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। कुसुम देवी ने कहा कि उसने करीब 15 साल पहले राजदीप गुर्जर से 60 गज का प्लॉट डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। मकान बनाने में करीब आठ लाख का खर्च आया। वहीं कांता देवी ने कहा उसने पचास गज का प्लॉट 8-9 साल पहले राजदीप गुर्जर व अनंगपाल से साढ़े चार लाख रुपये में खरीदा था।
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चंद्रकांता देवी का कहना है कि साल 2012 में उसने पचास गज प्लॉट राजदीप से चार लाख रुपये में खरीदा था। महेंद्री देवी ने बताया कि उसने साल 2007 में 130 गज का प्लाट एक लाख बीस हजार रुपये में अनंगपाल व तसलीम से खरीदा था। शिफाली दास ने कहा कि उसने राजदीप और अनंगपाल से ढाई लाख रुपये में 50 गज का प्लॉट खरीदा था। विक्रम ने बताया कि उसने साल 2014 में 55 गज का प्लॉट दो लाख रुपये में सतीश गुर्जर से खरीदा था। मकान बनाने में सात लाख रुपये खर्च कर दिए। शेर सिंह कहना है कि उसने साल 2014 में दो लाख रुपये देकर सतीश, कालू, अमन, गौरव व राजदीप से 50 गज का प्लॉट खरीदा था। मकान बनाने में उसने करीब सात लाख रुपये खर्च किए। अर्पिता वैपारी का कहना है कि उसने तीन हजार रुपये गज के हिसाब से 50 गज का प्लॉट राजदीप और तसलीम मुल्ला से लिया था।
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अनिल प्रजापति ने शिकायत दी कि पांच साल पहले उसने गांव अनंगपुर निवासी बाबू से सैंतीस सौ रुपये गज के हिसाब से पचास गज का प्लॉट लिया था। उसे बनाने में उसके करीब छह लाख रुपये खर्च हो गए। महेंद्र का कहना है कि साल 2007 में 250 गज का प्लॉट 10 लाख रुपये में राजदीप, मास्टर, तसलीम व कलाम से खरीदा था। तारा देवी ने साल 2002 में 70 गज का प्लाट दो लाख रुपये में गांव अनंगपुर निवासी बाबू से खरीदा था। पुष्पा भदौरिया का कहना है कि उसने 100 गज का प्लॉट राजदीप से खरीदा था। मकान बनाने में करीब 15 लाख रुपये खर्च कर दिए। सभी शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जमीन बेचते समय सभी डीलरों ने उनसे कहा था कि जमीन उनकी है। तोड़फोड़ की खबर के बाद पता लगा कि ये जमीन सरकारी है। डीलरों ने झूठ धोखाधड़ी से उन्हें प्लॉट बेच दिए।
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