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Faridabad News: नहर की पुलिया टूटी, वाहनों की आवाजाही रुकने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
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शहीद तेजपाल मार्ग पर नहर की पुलिया टूटी, स्कूलों की बसें हुई बंद, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल
- गांव उजीना से संगेल, जाजूका समेत कई गांवों को जोड़ने वाले शहीद तेजपाल सिंह मार्ग की स्थिति खस्ताहाल
- पुलिया टूटने से स्कूल बसें नहीं जा पा रही उस पार
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। गांव उजीना से संगेल, जाजूका समेत कई गांवों को जोड़ने वाले शहीद तेजपाल सिंह मार्ग की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। जिसके कारण लोगों को इस रोड का इस्तेमाल करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब चार साल से जर्जर इस रोड पर उजीना गांव के पास बनी हुई पुलिया भी टूट गई, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही बंद है। वाहनों की आवाजाही बंद होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनके स्कूलों की बसें बंद होने से करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
बता दें कि उजीना से संगेल व अन्य गांवों के लिए जाने वाले इस रोड के निर्माण की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संगेल गांव के शहीद तेजपाल सिंह को श्रद्धांजलि देते समय की थी। शहीद तेजपाल सिंह 18 जुलाई 2023 को कश्मीर में शहीद हुए थे।
रोड टूटकर हुआ जर्जर:
गांव उजीना के सरपंच मुनेश फौजी, सुनील सिंह, बलजीत सिंह, एडवोकेट अमित कुमार जाजूका, एडवोकेट नवीन सिंह, संगेल गांव के पूर्व सरपंच महेंद्रपाल सिंह, समाजसेवी जगदीश भाटी आदि ने बताया कि करीब चार साल से यह रोड टूटा हुआ है। मनोहर लाल खट्टर अपने कार्यकाल में दो बार इस रोड से गुजरे और दोनों ही बार रोड की खस्ताहाल को देखकर इसे नया बनाने की घोषणा की, लेकिन पहली बार भी यह रोड घोषणा के करीब तीन साल बाद बना था और अब भी इसकी घोषणा हुए दो साल हो गए है, लेकिन रोड पर निर्माण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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टूटी पुलिया ने की आवाजाही बंद:
इस रोड पर गांव उजीना के पास नहर पर बनी पुलिया काफी समय से टूटी हुई थी, लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से निकल रहे थे। लेकिन अब बरसात के मौसम में यह पुलिया पूरी टूट गई है। ग्रामीणों ने इसपर मलबा डलवाकर रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन उसमें लोगों के ट्रैक्टर व गाडि़यां फंस गई। लोग गोहाना मोड़ होकर कई किलोमीटर लंबा सफर करते हुए नूंह जा रहे हैं।
इस पुलिया के टूटने से संगेल और जाजूका गांव के जो बच्चों बसों के माध्यम से पलवल, नूंह, उजीना पढ़ने के लिए जाते थे, उनकी बसें बंद हो गई हैं और वे इन दिनों घर पर बैठे हुए है। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। -एडवोकेट अमित सिंह जाजूका।
पहले ही इस रोड पर चलना मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब पुलिया टूटने से गांव संगेल और जाजूका का उजीना गांव से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के अधिकांश बच्चे बसों से पढ़ने के लिए उजीना होते हुए निकलते है, जो इन दिनों घर पर बैठे है। - दानसिंह भाटी।
फिलहाल इस पुलिया से वाहनों की आवाजाही बंद न हो, इसकी अस्थाई व्यवस्था करवाई जा रही है। जबकि नए रोड के साथ नए सिरे से इस रोड पर बनने वाले चार पुल का पैसा पीडब्ल्यूडी बीएंड आर देगा तो उसके बाद इनका निर्माण करवाया जाएगा। -मुकुल कथूरिया, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग, नूंह।
फोटो: एडवोकेट अमित सिंह, दानसिंह भाटी।
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- गांव उजीना से संगेल, जाजूका समेत कई गांवों को जोड़ने वाले शहीद तेजपाल सिंह मार्ग की स्थिति खस्ताहाल
- पुलिया टूटने से स्कूल बसें नहीं जा पा रही उस पार
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। गांव उजीना से संगेल, जाजूका समेत कई गांवों को जोड़ने वाले शहीद तेजपाल सिंह मार्ग की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। जिसके कारण लोगों को इस रोड का इस्तेमाल करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब चार साल से जर्जर इस रोड पर उजीना गांव के पास बनी हुई पुलिया भी टूट गई, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही बंद है। वाहनों की आवाजाही बंद होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनके स्कूलों की बसें बंद होने से करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
बता दें कि उजीना से संगेल व अन्य गांवों के लिए जाने वाले इस रोड के निर्माण की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संगेल गांव के शहीद तेजपाल सिंह को श्रद्धांजलि देते समय की थी। शहीद तेजपाल सिंह 18 जुलाई 2023 को कश्मीर में शहीद हुए थे।
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रोड टूटकर हुआ जर्जर:
गांव उजीना के सरपंच मुनेश फौजी, सुनील सिंह, बलजीत सिंह, एडवोकेट अमित कुमार जाजूका, एडवोकेट नवीन सिंह, संगेल गांव के पूर्व सरपंच महेंद्रपाल सिंह, समाजसेवी जगदीश भाटी आदि ने बताया कि करीब चार साल से यह रोड टूटा हुआ है। मनोहर लाल खट्टर अपने कार्यकाल में दो बार इस रोड से गुजरे और दोनों ही बार रोड की खस्ताहाल को देखकर इसे नया बनाने की घोषणा की, लेकिन पहली बार भी यह रोड घोषणा के करीब तीन साल बाद बना था और अब भी इसकी घोषणा हुए दो साल हो गए है, लेकिन रोड पर निर्माण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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टूटी पुलिया ने की आवाजाही बंद:
इस रोड पर गांव उजीना के पास नहर पर बनी पुलिया काफी समय से टूटी हुई थी, लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से निकल रहे थे। लेकिन अब बरसात के मौसम में यह पुलिया पूरी टूट गई है। ग्रामीणों ने इसपर मलबा डलवाकर रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन उसमें लोगों के ट्रैक्टर व गाडि़यां फंस गई। लोग गोहाना मोड़ होकर कई किलोमीटर लंबा सफर करते हुए नूंह जा रहे हैं।
इस पुलिया के टूटने से संगेल और जाजूका गांव के जो बच्चों बसों के माध्यम से पलवल, नूंह, उजीना पढ़ने के लिए जाते थे, उनकी बसें बंद हो गई हैं और वे इन दिनों घर पर बैठे हुए है। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। -एडवोकेट अमित सिंह जाजूका।
पहले ही इस रोड पर चलना मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब पुलिया टूटने से गांव संगेल और जाजूका का उजीना गांव से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के अधिकांश बच्चे बसों से पढ़ने के लिए उजीना होते हुए निकलते है, जो इन दिनों घर पर बैठे है। - दानसिंह भाटी।
फिलहाल इस पुलिया से वाहनों की आवाजाही बंद न हो, इसकी अस्थाई व्यवस्था करवाई जा रही है। जबकि नए रोड के साथ नए सिरे से इस रोड पर बनने वाले चार पुल का पैसा पीडब्ल्यूडी बीएंड आर देगा तो उसके बाद इनका निर्माण करवाया जाएगा। -मुकुल कथूरिया, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग, नूंह।
फोटो: एडवोकेट अमित सिंह, दानसिंह भाटी।