{"_id":"6aa19badbf97d32ab10633fa","slug":"campaign-to-identify-illiterates-intensified-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-79583-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: निरक्षरों की पहचान के लिए अभियान तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: निरक्षरों की पहचान के लिए अभियान तेज
विज्ञापन
घर-घर पहुंचेगे शिक्षा विभाग के अधिकारी, 20 सितंबर की परीक्षा के लिए होगा पंजीकरण
उल्लास साक्षरता पखवाड़े में स्वयंसेवी शिक्षक भी जुड़ेंगे
नंबर गेम- 1000 लोगों ने अब तक कराया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निरक्षरों को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 14 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जो पढ़ने-लिखने से वंचित हैं।
अभियान के तहत निरक्षर लोगों का पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें पढ़ाने के लिए स्वयंसेवी शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणना का ज्ञान दिलाना है। पखवाड़े के दौरान स्कूलों में जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षक, विद्यार्थी, स्कूल प्रबंधन समितियां और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ेंगे। अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य स्वयंसेवकों की भागीदारी भी कराई जाएगी। अब तक 1000 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
एफएलएनएटी के लिए भी होगा पंजीकरण
शिक्षा विभाग 20 सितंबर को होने वाली फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी असेसमेंट टेस्ट (एफएलएनएटी) को लेकर भी तैयारी करेगा। अभियान के दौरान पात्र शिक्षार्थियों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया जाएगा। अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निरक्षर लोगों को परीक्षा के महत्व की जानकारी दें और उन्हें एफएलएनएटी में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
जिले में 20 हजार से अधिक निरक्षर हुए साक्षर
उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में साक्षरता अभियान को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक निरक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाकर साक्षर बनाया जा चुका है। शिक्षा विभाग की ओर से स्वयंसेवी शिक्षकों और समुदाय की मदद से लोगों को बुनियादी शिक्षा दी जा रही है। अधिकारियों का लक्ष्य अधिक से अधिक निरक्षरों को साक्षर बनाना है।
विभाग द्वारा 14 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर को परीक्षा होगी। जिले से करीब एक हजार अभ्यर्थियों ने इसके लिए पंजीयन करवाया है। -धर्मेंद्र अधाना, समन्वयक, उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
विज्ञापन
उल्लास साक्षरता पखवाड़े में स्वयंसेवी शिक्षक भी जुड़ेंगे
नंबर गेम- 1000 लोगों ने अब तक कराया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निरक्षरों को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 14 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जो पढ़ने-लिखने से वंचित हैं।
अभियान के तहत निरक्षर लोगों का पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें पढ़ाने के लिए स्वयंसेवी शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणना का ज्ञान दिलाना है। पखवाड़े के दौरान स्कूलों में जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षक, विद्यार्थी, स्कूल प्रबंधन समितियां और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ेंगे। अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य स्वयंसेवकों की भागीदारी भी कराई जाएगी। अब तक 1000 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन
एफएलएनएटी के लिए भी होगा पंजीकरण
शिक्षा विभाग 20 सितंबर को होने वाली फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी असेसमेंट टेस्ट (एफएलएनएटी) को लेकर भी तैयारी करेगा। अभियान के दौरान पात्र शिक्षार्थियों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया जाएगा। अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निरक्षर लोगों को परीक्षा के महत्व की जानकारी दें और उन्हें एफएलएनएटी में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
जिले में 20 हजार से अधिक निरक्षर हुए साक्षर
उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में साक्षरता अभियान को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक निरक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाकर साक्षर बनाया जा चुका है। शिक्षा विभाग की ओर से स्वयंसेवी शिक्षकों और समुदाय की मदद से लोगों को बुनियादी शिक्षा दी जा रही है। अधिकारियों का लक्ष्य अधिक से अधिक निरक्षरों को साक्षर बनाना है।
विभाग द्वारा 14 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर को परीक्षा होगी। जिले से करीब एक हजार अभ्यर्थियों ने इसके लिए पंजीयन करवाया है। -धर्मेंद्र अधाना, समन्वयक, उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम