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Faridabad News: कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती, जवाब तलब
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प्रचार के दौरान गोयल पर धार्मिक आधार पर वोट मांगने का आरोप
ईवीएम में गड़बड़ी समेत अन्य आरोपों पर गोयल समेत चुनाव आयोग से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गोयल समेत सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को तय की और स्पष्ट किया कि अब आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
चुनाव याचिका दाखिल करते हुए लखन कुमार सिंगला ने आरोप लगाया कि विपुल गोयल ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन करते हुए चुनाव के दौरान धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट मांगे। फरीदाबाद के मैगपाई टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में एक धार्मिक कार्यक्रम गणेश महोत्सव का आयोजन करवाया जिसमें भारी संख्या में लोग और भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें फरीदाबाद से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी शामिल थे। सिंगला का आरोप है कि इस आयोजन का उपयोग चुनावी लाभ लेने के लिए किया गया, जो धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग है। साथ ही याचिका में ईवीएम में तकनीकी अनियमितताओं के गंभीर आरोप भी लगाए गए। याची ने कहा कि जिन मशीनों की बैटरी का स्तर 90% से अधिक था। इससे अधिकांश वोट विपुल गोयल के पक्ष में गए जबकि 60–70% बैटरी स्तर वाली मशीनों में अधिकतर वोट सिंगला को मिले। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह अंतर संभावित छेड़छाड़ का संकेत देता है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग को मामले में आवश्यक पक्षकार बनाए जाने हेतु आवेदन दायर किया गया है ताकि संबंधित ईवीएम, कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट मशीनों की जांच और सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा तकनीकी जांच हेतु याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 1,88,000 रुपये जमा करवा दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान विपुल गोयल की ओर से बहस की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रतिवादी पक्ष याचिकाकर्ता की अन्य लंबित अर्जियों पर भी जवाब दाखिल करे।
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ईवीएम में गड़बड़ी समेत अन्य आरोपों पर गोयल समेत चुनाव आयोग से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गोयल समेत सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को तय की और स्पष्ट किया कि अब आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
चुनाव याचिका दाखिल करते हुए लखन कुमार सिंगला ने आरोप लगाया कि विपुल गोयल ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन करते हुए चुनाव के दौरान धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट मांगे। फरीदाबाद के मैगपाई टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में एक धार्मिक कार्यक्रम गणेश महोत्सव का आयोजन करवाया जिसमें भारी संख्या में लोग और भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें फरीदाबाद से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी शामिल थे। सिंगला का आरोप है कि इस आयोजन का उपयोग चुनावी लाभ लेने के लिए किया गया, जो धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग है। साथ ही याचिका में ईवीएम में तकनीकी अनियमितताओं के गंभीर आरोप भी लगाए गए। याची ने कहा कि जिन मशीनों की बैटरी का स्तर 90% से अधिक था। इससे अधिकांश वोट विपुल गोयल के पक्ष में गए जबकि 60–70% बैटरी स्तर वाली मशीनों में अधिकतर वोट सिंगला को मिले। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह अंतर संभावित छेड़छाड़ का संकेत देता है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग को मामले में आवश्यक पक्षकार बनाए जाने हेतु आवेदन दायर किया गया है ताकि संबंधित ईवीएम, कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट मशीनों की जांच और सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा तकनीकी जांच हेतु याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 1,88,000 रुपये जमा करवा दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान विपुल गोयल की ओर से बहस की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रतिवादी पक्ष याचिकाकर्ता की अन्य लंबित अर्जियों पर भी जवाब दाखिल करे।
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