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Faridabad News: जब तक आती है जांच रिपोर्ट, बिक जाती है सारी मिठाई

Sat, 08 Aug 2026 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:01 AM IST
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By the time the test report arrives, all the sweets have already been sold.
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सीएम की थाली से घेवर हटाए जाने की घटना ने लोगों और खाद्य सुरक्षा विभाग को किया अलर्ट

राहुल राज


फरीदाबाद। होडल के डबचिक पर्यटन स्थल पर सीएम नायब सिंह सैनी की थाली से घेवर हटाए जाने की घटना के बाद फरीदाबाद और पलवल में खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड में है। विभाग ने रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों को देखते हुए मिठाइयों, पनीर व अन्य दुग्ध उत्पादों की सघन सैंपलिंग शुरू कर दी है। हालांकि, विभाग की कार्रवाई का भी कोई खास असर नहीं होता है। खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में करीब एक महीने का समय लग जाता है, तब तक अधिकांश मिठाइयां बिक चुकी होती हैं। जिससे मिलावट पर समय रहते अंकुश नहीं लग पाता है और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा बना रहता है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने फरीदाबाद में एक अप्रैल से अब तक 70 खाद्य नमूने लिए हैं। वहीं पलवल में पिछले एक महीने के दौरान 17 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सबसे बड़ी समस्या मिठाइयों की लेबलिंग को लेकर सामने आ रही है। विशेषकर स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले घेवर के अधिकांश डिब्बों पर न तो निर्माण तिथि अंकित होती है और न ही उपयोग की अंतिम तिथि। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि मिठाई कितनी ताजा है और उसका सेवन कब तक सुरक्षित है।
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सीएम को परोसने से पहले जांच में फंसा था घेवर

गौरतलब है कि हाल ही में डबचिक पर्यटन स्थल पर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए स्थानीय दुकान से मंगाए गए घेवर के डिब्बे पर भी निर्माण तिथि और उपयोग अवधि नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान मिठाई विक्रेता ने बताया था कि घेवर बनने के करीब दो घंटे के भीतर ही उसका सेवन कर लेना चाहिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को वह घेवर परोसने की अनुमति नहीं दी। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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रिपोर्ट आने तक बिक जाती है मिठाईं


खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए करनाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में करीब एक महीने का समय लग जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही विभाग संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, रिपोर्ट आने तक अधिकांश मामलों में पूरा त्योहारी सीजन बीत चुका होता है और संबंधित मिठाइयां बाजार में बिककर लोगों तक पहुंच चुकी होती हैं।


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20 रुपये में हो पाएगी खाद्य पदार्थों की जांच

सरकार मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए सरकार जल्द ही एनसीआर में 28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब वैन शुरू करेगी। इन वैन के माध्यम से फरीदाबाद के लोगों को अपने क्षेत्र में ही खाद्य पदार्थों की जांच की सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोग सिर्फ 20 रुपये शुल्क देकर दूध, मिठाई, मसाले समेत अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की मौके पर जांच करा सकेंगे। इससे मिलावट पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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