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Faridabad News: अपहरण से चर्चा में आए व्यापारी ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
Sat, 20 Apr 2024 11:10 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Sat, 20 Apr 2024 11:10 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। रंगदारी न देने पर अपहरण की झूठी अफवाह से चर्चा में आए में बैटरी-इंवर्टर व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह व्यापारी का शव घर की छत पर बने स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट भी दिया है, जिसमें तीन लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। शहर थाना पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शनिवार दोपहर को मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
शहर थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रशांत गर्ग ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे फिलहाल रेलवे रोड स्थित देवनगर में रहते हैं। उनके पिता दीनदयाल गर्ग के पास लुमिनस कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी थी। करीब 11 साल से जिले में डीलरों को लुमिनस के प्रोडक्ट उनके द्वारा सप्लाई किए जा रहे थे। एक साल पहले मथुरा का डिस्ट्रीब्यूटर जिशान डॉलफिन के नाम से लुमिनस का सामान पलवल में सप्लाई करने लगा, जिससे उनका काम प्रभावित हो गया। उन्होंने कंपनी में जिशान की सप्लाई रोकने की शिकायत की, परंतु सप्लाई नहीं रोकी गई। काम प्रभावित होने से कंपनी की बिलिंग रुक गई। लुमिनस कंपनी अधिकारी उदित द्विवेदी ने उनकी दुकान पर आकर उसके पिता को धमकी दी और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया।
आरोप है कि तीन-चार माह पहले उदित द्विवेदी ने उनकी दुकान पर काम करने वाले अनिल के साथ मिलकर प्रवीण को लुमिनस की एजेंसी दिलवा दी। प्रवीण ने तेजस पावर सॉल्यूशन के नाम से सप्लाई का काम शुरू कर दिया, जिससे उनका काम बिल्कुल ठप हो गया। उनका काफी पैसा बाजार फंस गया। डीलरों से रुपये मांगने पर वे लुमिनस का सामान मांगते, परंतु दीनदयाल सप्लाई नहीं कर पा रहे थे। रुपये न मिलने पर उनकी बैंक का कर्जा नहीं पूरा हो रहा था। इससे उसके पिता मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। बीती 13 अप्रैल को उसके पिता होडल से बिना बताए कहीं चले गए, हालांकि अगले दिन ही वे वापस आ गए। इस दौरान रंगदारी न देने पर अपहरण की झूठी अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। शनिवार सुबह उसके पिता ने छत पर बने स्टोर रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर एक सुसाइड नोट मिला, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायत में कहा गया कि उदित द्विवेदी, अनिल व प्रवीण ने उसके पिता को प्रताड़ित कर आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया। उनका काफी पैसा अब भी मार्केट में फंसा हुआ है, जिसकी लिस्ट दे दी जाएगी।
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पुलिस ने शिकायत के आधार पर लुमिनस कंपनी अधिकारी उदित द्विवेदी, अनिल व प्रवीण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
तीनों ने मिलकर मुझे बर्बाद कर दिया
परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए सुसाइड नोट में लिखा है कि उदित द्विवेटी, अनिल व प्रवीण ने मिलकर मुझे बर्बाद किया है। मेरी लुमिनस की एजेंसी इन्होंने छीन ली। उदित के कहने पर मैंने बैंक से लिमिट ली है। मार्केट का पैसा भी रुक गया। बच्चों को मथुरा शिफ्ट कर देना और बैटरी-इंवर्टर का काम बंद कर देना। मुझे बाजार में कोई कह रहा था कि कर्जा हो गया है, कोई मेरे फोटो बनवाकर सड़कों पर फेंक रहा है, जिससे मैं बाजार में मुंह दिखाने लायक नहीं रहा हूं, इसलिए मेरी जीने की इच्छा खत्म हो गई है।
रंगदारी न देने पर अपहरण की फैली थी अफवाह
दरअसल, बीती 13 अप्रैल को व्यापारी दीन दयाल होडल गए थे, जहां गाड़ी खड़ी कर बिना बताए कहीं चले गए। इस दौरान पलवल शहर में रंगदारी न देने पर दीन दयाल की अपहरण की झूठी अफवाह फैल गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे जमकर वायरल किया, परंतु अगले ही दिन दीनदयाल अपने घर वापस आ गए, जिससे अफवाहों पर विराम लगा।
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पलवल। रंगदारी न देने पर अपहरण की झूठी अफवाह से चर्चा में आए में बैटरी-इंवर्टर व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह व्यापारी का शव घर की छत पर बने स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट भी दिया है, जिसमें तीन लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। शहर थाना पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शनिवार दोपहर को मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
शहर थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रशांत गर्ग ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे फिलहाल रेलवे रोड स्थित देवनगर में रहते हैं। उनके पिता दीनदयाल गर्ग के पास लुमिनस कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी थी। करीब 11 साल से जिले में डीलरों को लुमिनस के प्रोडक्ट उनके द्वारा सप्लाई किए जा रहे थे। एक साल पहले मथुरा का डिस्ट्रीब्यूटर जिशान डॉलफिन के नाम से लुमिनस का सामान पलवल में सप्लाई करने लगा, जिससे उनका काम प्रभावित हो गया। उन्होंने कंपनी में जिशान की सप्लाई रोकने की शिकायत की, परंतु सप्लाई नहीं रोकी गई। काम प्रभावित होने से कंपनी की बिलिंग रुक गई। लुमिनस कंपनी अधिकारी उदित द्विवेदी ने उनकी दुकान पर आकर उसके पिता को धमकी दी और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया।
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आरोप है कि तीन-चार माह पहले उदित द्विवेदी ने उनकी दुकान पर काम करने वाले अनिल के साथ मिलकर प्रवीण को लुमिनस की एजेंसी दिलवा दी। प्रवीण ने तेजस पावर सॉल्यूशन के नाम से सप्लाई का काम शुरू कर दिया, जिससे उनका काम बिल्कुल ठप हो गया। उनका काफी पैसा बाजार फंस गया। डीलरों से रुपये मांगने पर वे लुमिनस का सामान मांगते, परंतु दीनदयाल सप्लाई नहीं कर पा रहे थे। रुपये न मिलने पर उनकी बैंक का कर्जा नहीं पूरा हो रहा था। इससे उसके पिता मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। बीती 13 अप्रैल को उसके पिता होडल से बिना बताए कहीं चले गए, हालांकि अगले दिन ही वे वापस आ गए। इस दौरान रंगदारी न देने पर अपहरण की झूठी अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। शनिवार सुबह उसके पिता ने छत पर बने स्टोर रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर एक सुसाइड नोट मिला, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायत में कहा गया कि उदित द्विवेदी, अनिल व प्रवीण ने उसके पिता को प्रताड़ित कर आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया। उनका काफी पैसा अब भी मार्केट में फंसा हुआ है, जिसकी लिस्ट दे दी जाएगी।
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पुलिस ने शिकायत के आधार पर लुमिनस कंपनी अधिकारी उदित द्विवेदी, अनिल व प्रवीण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
तीनों ने मिलकर मुझे बर्बाद कर दिया
परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए सुसाइड नोट में लिखा है कि उदित द्विवेटी, अनिल व प्रवीण ने मिलकर मुझे बर्बाद किया है। मेरी लुमिनस की एजेंसी इन्होंने छीन ली। उदित के कहने पर मैंने बैंक से लिमिट ली है। मार्केट का पैसा भी रुक गया। बच्चों को मथुरा शिफ्ट कर देना और बैटरी-इंवर्टर का काम बंद कर देना। मुझे बाजार में कोई कह रहा था कि कर्जा हो गया है, कोई मेरे फोटो बनवाकर सड़कों पर फेंक रहा है, जिससे मैं बाजार में मुंह दिखाने लायक नहीं रहा हूं, इसलिए मेरी जीने की इच्छा खत्म हो गई है।
रंगदारी न देने पर अपहरण की फैली थी अफवाह
दरअसल, बीती 13 अप्रैल को व्यापारी दीन दयाल होडल गए थे, जहां गाड़ी खड़ी कर बिना बताए कहीं चले गए। इस दौरान पलवल शहर में रंगदारी न देने पर दीन दयाल की अपहरण की झूठी अफवाह फैल गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे जमकर वायरल किया, परंतु अगले ही दिन दीनदयाल अपने घर वापस आ गए, जिससे अफवाहों पर विराम लगा।