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Faridabad News: सड़क पर बैठी गाय से टकराई स्कूटी, कारोबारी की मौत
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अस्पताल के सामने तड़पता रहा युवक, डिवाइडर से सिर टकराने और मदद न मिलने से गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में सिस्टम की संवेदनहीनता और नगर निगम की लापरवाही ने कारोबारी की जान ले ली। एनआईटी-3 इलाके में मंगलवार तड़के करीब तीन से चार बजे स्कूटी सवार कारोबारी आशु खत्री सड़क पर बैठी गाय से टकराकर हादसे का शिकार हो गए।
हादसा जिस जगह हुआ, उसके ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ 24 घंटे खुला रहने वाला एक निजी अस्पताल था। इसके बावजूद गंभीर रूप से घायल आशु करीब एक घंटे तक अस्पताल के ठीक सामने सड़क पर तड़पते रहे लेकिन न तो किसी राहगीर ने उन्हें उठाया और न ही अस्पताल का कोई कर्मचारी मदद के लिए आगे आया। घटना के एक घंटे बाद जब एक नागरिक की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने आशु को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक आशु खत्री एनआईटी-5 एम-ब्लॉक के रहने वाले थे और बाइक-स्कूटी की सेल-परचेज का काम करते थे। उनकी शादी महज एक साल पहले हुई थी। गाय से टकराने के बाद वे उछलकर कई फीट दूर गिरे और उनका सिर सीधे डिवाइडर से जा टकराया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वे खून से लथपथ होकर सड़क पर ही बेहोश पड़े रहे। लगभग 60 मिनट तक वे जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे लेकिन राहगीरों की बेरुखी और सामने अस्पताल होने के बावजूद समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने के कारण उनकी सांसें थम गईं।
सीसीटीवी फुटेज में बीच सड़क बैठा था मवेशियों का झुंड
हादसे से जुड़ा 21 सेकेंड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि तड़के करीब चार बजे आशु अपने दोस्त के घर से लौट रहे थे। सड़क के बीच में गायों का झुंड बैठा हुआ था। अंधेरा होने के कारण जैसे ही आशु को सड़क पर गाय दिखी, उन्होंने अचानक तेज ब्रेक लगाए लेकिन गति तेज होने के कारण स्कूटी सीधे गाय से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आशु हवा में उछलकर कई फीट दूर जा गिरे। गाय भी सड़क पर पलटती हुई दूर जा गिरी। इसके बाद गाय उठकर चली गई लेकिन आशु वहीं तड़पते रह गए।
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नगर निगम अधिकारी बोले- कर्मचारी हड़ताल पर
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चचेरे भाई राजन खत्री और चाचा अशोक खत्री ने आशु की मौत के लिए सीधे तौर पर नगर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि यदि निगम अधिकारी सड़कों से लावारिस मवेशियों को हटाने की अपनी जिम्मेदारी निभाते, तो आज उनका भाई जिंदा होता। वहीं, नगर निगम के म्यूनिसिपल हेल्थ ऑफिसर नितेश परमार का कहना है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण सड़कों से पशुओं को पकड़ने में परेशानी आ रही है।
एक साल पहले हुई थी शादी, उजड़ गईं खुशियां
आशु खत्री अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। वे एनआईटी-5 में अपने बड़े भाई, माता-पिता और पत्नी के साथ रहते थे। स्वजनों ने बताया कि आशु की शादी को अभी केवल एक साल ही हुआ था। महज 36 साल की उम्र में आशु की असमय मौत की खबर से एक तरफ पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं माता-पिता बदहवास हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि हादसे के वक्त आशु ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। यदि उन्होंने हेलमेट लगाया होता, तो जान बच सकती थी। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में सिस्टम की संवेदनहीनता और नगर निगम की लापरवाही ने कारोबारी की जान ले ली। एनआईटी-3 इलाके में मंगलवार तड़के करीब तीन से चार बजे स्कूटी सवार कारोबारी आशु खत्री सड़क पर बैठी गाय से टकराकर हादसे का शिकार हो गए।
हादसा जिस जगह हुआ, उसके ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ 24 घंटे खुला रहने वाला एक निजी अस्पताल था। इसके बावजूद गंभीर रूप से घायल आशु करीब एक घंटे तक अस्पताल के ठीक सामने सड़क पर तड़पते रहे लेकिन न तो किसी राहगीर ने उन्हें उठाया और न ही अस्पताल का कोई कर्मचारी मदद के लिए आगे आया। घटना के एक घंटे बाद जब एक नागरिक की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने आशु को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक आशु खत्री एनआईटी-5 एम-ब्लॉक के रहने वाले थे और बाइक-स्कूटी की सेल-परचेज का काम करते थे। उनकी शादी महज एक साल पहले हुई थी। गाय से टकराने के बाद वे उछलकर कई फीट दूर गिरे और उनका सिर सीधे डिवाइडर से जा टकराया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वे खून से लथपथ होकर सड़क पर ही बेहोश पड़े रहे। लगभग 60 मिनट तक वे जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे लेकिन राहगीरों की बेरुखी और सामने अस्पताल होने के बावजूद समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने के कारण उनकी सांसें थम गईं।
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सीसीटीवी फुटेज में बीच सड़क बैठा था मवेशियों का झुंड
हादसे से जुड़ा 21 सेकेंड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि तड़के करीब चार बजे आशु अपने दोस्त के घर से लौट रहे थे। सड़क के बीच में गायों का झुंड बैठा हुआ था। अंधेरा होने के कारण जैसे ही आशु को सड़क पर गाय दिखी, उन्होंने अचानक तेज ब्रेक लगाए लेकिन गति तेज होने के कारण स्कूटी सीधे गाय से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आशु हवा में उछलकर कई फीट दूर जा गिरे। गाय भी सड़क पर पलटती हुई दूर जा गिरी। इसके बाद गाय उठकर चली गई लेकिन आशु वहीं तड़पते रह गए।
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नगर निगम अधिकारी बोले- कर्मचारी हड़ताल पर
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चचेरे भाई राजन खत्री और चाचा अशोक खत्री ने आशु की मौत के लिए सीधे तौर पर नगर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि यदि निगम अधिकारी सड़कों से लावारिस मवेशियों को हटाने की अपनी जिम्मेदारी निभाते, तो आज उनका भाई जिंदा होता। वहीं, नगर निगम के म्यूनिसिपल हेल्थ ऑफिसर नितेश परमार का कहना है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण सड़कों से पशुओं को पकड़ने में परेशानी आ रही है।
एक साल पहले हुई थी शादी, उजड़ गईं खुशियां
आशु खत्री अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। वे एनआईटी-5 में अपने बड़े भाई, माता-पिता और पत्नी के साथ रहते थे। स्वजनों ने बताया कि आशु की शादी को अभी केवल एक साल ही हुआ था। महज 36 साल की उम्र में आशु की असमय मौत की खबर से एक तरफ पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं माता-पिता बदहवास हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि हादसे के वक्त आशु ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। यदि उन्होंने हेलमेट लगाया होता, तो जान बच सकती थी। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।